युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। प्राइवेट कंपनी द्वारा तैयार हाउस टैक्स के नोटिसों को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में निगम के खिलाफ अब पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षद राजेन्द्र त्यागी और हिमांशु मित्तल का कहना है कि निगम को हाउस टैक्स के नोटिस वितरण करने का अधिकार नहीं है। गाजियाबाद सिटी में वर्ष 2002 से सेल्फ असेस्मेंट स्कीम लागू है। ऐसे में नगर निगम को हाउस टैक्स के नोटिस वितरण करने का अधिकार नहीं है। निगम को केवल इतना ही अधिकार है कि वह लोगों से सेल्फ असेस्मेंट के फार्म भरवाकर जमा करा सकते है। हाल ही में नगर निगम द्वारा करीब दो लाख हाउस टैक्स के नोटिस जारी कर दिए गए है। गत दिनों हुई निगम कार्यकारिणी की बैठक में मेयर आशा शर्मा ने भी हाउस टैक्स में गलती को लेकर सवाल खड़े किए थे। मगर अब एक बार फिर से हाउस टैक्स के इन नोटिसों को लेकर विवाद पैदा हो गया है। दोनों ही पार्षदों का कहना है कि प्राइवेट कंपनी द्वारा जो नोटिस तैयार किए गए वह 90 प्रतिशत तक गलत है। ऐसे में नोटिस निरस्त करने की दोनों पार्षदों ने मांग की है।