गाजियाबाद। 15 वर्ष के लिए दिए गए विज्ञापन के ठेके को लेकर अब निगम प्रशासन और कुछ पार्षदों के बीच शह-और मात का खेल शुरू हो गया है। निगम के कई पार्षद अभीतक कह रहे थे कि निगम बोर्ड की 16 अगस्त को हुई बैठक में कोई प्रस्ताव आया नहीं तो फिर कैसे विज्ञापन पर चर्चा मिनट्स का हिस्सा बन गया। निगम ने इसकी काट भी निकाल ली है। इस मामले में भाजपा के एक पार्षद का आरोप है कि नगर निगम ने अजैंडे में ही खेल कर दिया। उनका दावा है कि नगर निगम बोर्ड की ़16 अगस्त को हुई बैठक में जो अजैंडा सभी पार्षदों को दिया गया उसमें 443 तक के प्रस्ताव शामिल थे। बाद में नगर निगम प्रशासन ने अजैंडे में 444 नंबर पर 15 वर्ष के लिए दिए विज्ञापन के ठेके का प्रस्ताव को अजैंडे का हिस्सा बनाया है।