युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। कांग्रेस में जारी अंतर्कलह के बीच कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक आज दिल्ली में हुई। सोनिया गांधी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के अध्यक्ष को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। सोनिया गांधी ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, ‘मैं फुल टाइम कांग्रेस अध्यक्ष हूं।Ó वहीं, सोनिया ने कहा, ‘लखीमपुर-खीरी की चौंकाने वाली घटनाएं हाल ही में भाजपा की मानसिकता को दिखाती है कि वह किस तरह किसान आंदोलन को देखती है। ये दिखाती है कि भाजपा किसानों द्वारा अपने जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए इस दृढ़ संघर्ष से कैसे निपट रही है। बैठक में 52 सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें गुलाम नबी आजाद भी शामिल है। आजार को जी-22 का सदस्य माना जाता है। पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष को लेकर जी-22 के सदस्यों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दिग्विजय सिंह समेत पांच वरिष्ठ नेता बैठक से नदारद थे। बैठक में आने वाले विधानसभा चुनावों और पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर बदलाव को लेकर चर्चा की गई।
अगले साल उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में इस पर भी चर्चा की गई। इसके इतर मौजूदा राजनीतिक स्थिति, बढ़ती महंगाई, किसानों का प्रदर्शन और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सीडब्ल्यूसी सदस्य, स्थायी आमंत्रित लोग और समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हुए। पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बाद ही सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई गई।

सितंबर-2022 में होगा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष का चुनाव सितंबर 2022 में कराए जा सकते हैं। आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस पर चर्चा की गई। सूत्रों का कहना है कि पूर्णकालिक अध्यक्ष का चुनाव सितंबर में होगा। इसके लिए अभी से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अध्यक्ष पूरे पांच साल के लिए होगा। फिलहाल अध्यक्ष पद पर सोनिया गांधी ही बनी रहेंगी। आने वाले समय में पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए फिलहाल अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराने का फैसला लिया गया है।
वहीं, कार्यसमिति की बैठक में गु्रप-23 के सदस्यों के तेवर ढीले पड़ गए। वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बैठक के बाद कहा कि सभी नेताओं की आस्था सोनिया गांधी के नेतृत्व में है। किसी ने कभी भी सोनिया गांधी के नेतृत्व पर सवाल नहीं उठाया है। आजाद ने कहा कि उन्होंने मुद्दों को लेकर बात की थी, किसी के विरोध में नहीं।