युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के उपरांत आज लंबे समय बाद कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल खोले गए। हालांकि, सुबह से ही पड़ रही तेज बारिश के चलते अधिकांश स्कूलों में बेहद कम संख्या में छात्र पहुंचे। कई परिषदीय स्कूलों में तो एक भी बच्चा नहीं पहुंचा तो वहीं दो या पांच बच्चे ही सुबह के समय स्कूल पहुंच सके। निजी स्कूलों में सुबह-सुबह ही अभिभावक छोटे बच्चों को स्कूल छोडऩे पहुंच गए। हालांकि, कोरोना गाइडलाइन के अनुसार दो शिफ्ट में बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। बड़ी संख्या में अभिभावक अभी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए भी तैयार नहीं हैं जिसकी वजह से पहले दिन काफी कम संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के उपरांत चरणवार शैक्षिक गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। एक सितंबर से कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल खोले गए। लेकिन बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अभी अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर सहमति नहीं जताई। सितंबर-अक्टूबर में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के चलते अभिभावक डरे हुए हैं और इस समय के बीत जाने का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि विशेषज्ञों की चेतावनी है कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे सबसे अधिक संक्रमित होंगे। इसके चलते अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। प्राइमरी के बच्चों के स्कूल पहुंचने पर नेहरूनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पहले दिन सरस्वती वंदना कराई गई व छात्रों को कोविड गाइडलाइन के अनुसार सीटों पर बैठाया गया। नियमानुसार पहली शिफ्ट में ५० फीसदी बच्चों को ही बुलाया गया है। इसके अलावा अन्य स्कूलों में बारिश के कारण बेहद कम संख्या में बच्चे पहुंचे। एक सर्वे में भी जिले के ९० फीसदी अभिभावकों ने प्राइमरी के छात्रों को अभी स्कूल ना भेजने पर सहमति जताई है। बारिश थमने के बाद स्थिति स्पष्टï हो सकेगी कि प्राइमरी के कितने छात्र स्कूल पहुंच पाते हैं। कई सरकारी विद्यालयों में पानी भर जाने से भी दिक्कतें सामने आईं।