युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम में खेल नए नए स्टाइल में हो रहे है। ऐसा ही एक मामला अब लाईट विभाग में सामने आया है। यहां पहले नगर निगम ने लगातार दो महीने तक माल की सप्लाई लेने के लिए प्राइवेट कंपनियों से टेंडर मांगे। बाद में नगर निगम ने माल की सप्लाई डबल ईएसएल कंपनी के जरिए बिना टेंडर के ही ले ली। अब इसी को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। माना जा रहा है कि इसको लेकर निगम में और विवाद बढ़ सकता है।
दरअसल नगर निगम ने पूर्व में एक प्राइवेट कंपनी को शहर में स्ट्रीट लाइट बदलने का ठेका दिया था। कंपनी को ही अगले सात वर्षों तक स्ट्रीट लाइट का रखरखाव करना था। कंपनी और निगम के बीच विवाद हुआ तो कंपनी काम छोड़ गई। दोनों के बीच अब विवाद कोर्ट में चल रहा है। अब नगर निगम ने माल की सप्लाई लेने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए लाइट विभाग की ओर से टेंडर की प्रक्रिया तेज की। नगर निगम प्रशासन ने लगातार करीब दो महीनों तक टेंडर की प्रक्रिया को पूरा किया है। बाद में नगर निगम ने एक नया गेम किया। निगम प्रशासन ने अचानक से अपना प्लान बदला और एक डबल ईएसएल कंपनी से करोड़ों के माल की सप्लाई लेने का ऑर्डर जारी कर दिया। हालांकि अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव ने बताया कि माल की यह सप्लाई लेने के लिए पहले कार्यकारिणी से अनुमति ली गई। साथ ही उनका कहना है कि माल की सप्लाई लेने के लिए टेंडर नहीं मांगे गए थे। निगम ने केवल माल लेने के लिए रेट को लेकर ही टेंडर मांगे थे।