नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। वरिष्ठ आईएएस व केन्द्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे संतोष यादव ने नई शिक्षा नीति से लेकर प्री से ही बच्चों को बेहतर तरीके शिक्षित किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने प्रेजेंटेशन दिया। बता दें कि धर्मशाला में आयोजित हुए पहले मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में वरिष्ठ आईएएस संतोष यादव ने शिक्षा नीति को लेकर अपना प्रेजेंटेशन दिया और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, केन्द्रीय मंत्रालयों के सचिव आदि शामिल हुए। शिक्षा नीति पर प्रेजेंटेशन देते हुए वरिष्ठ आईएएस संतोष यादव ने कहा कि हमें लर्निंग एंड इंगेजिंग इनोवेटिव को बढ़ावा देना होगा।
उन्होंने कहा कि हर राज्य ने अपने स्तर से बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए काम किया है। जैसे कर्नाटक ने गणित कनिका अभियान चलाया, जिससे बच्चों की गणित बेहतर हुई। उत्तर प्रदेश ने मिशन प्रेरणा लॉन्च किया, जिसमें हर महीने शिक्षक बच्चों की लर्निंग की मानीटिरिंग करते हैं। छतीसगढ़ ने रिमोर्ट एरियर में मोटरसाइकिल गुरु अभियान लॉन्च किया, इसके अंतर्गत जहां-जहां बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, वहां शिक्षक खुद पढ़ाने जाते हैं। ऐसे ही गोवा ने वोकेशनल ट्रेनिंग को अपनाया। वरिष्ठ आईएएस ने कहा कि यह सिर्फ कुछ राज्यों में सीमित न होकर सभी राज्यों में व्यापक स्तर पर होना चाहिए। लर्निंग को और होलिस्टिक बनाया जाए।
बेहतर होगा कि बच्चों को उनकी मदर टंग में पढ़ाया जाए, जिससे वे और अधिक इम्प्रुव होंगे। लर्निंग ही नहीं बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ाया जाए, जैसे कोई बच्चा स्पोर्ट्स में अच्छा है या कोई बच्चा पेटिंग में अच्छा हो तो उसे वैसे ही कैप्चर कर ट्रेंड किया जाए। बच्चे का उसकी सोच और रूचि के आधार पर असेसमेंट किया जाए। उसके प्रोजेक्ट के आधार, उसकी सोसायटी और अभिभावकों से व्यवहार के आधार पर असेस किया जाए। करिक्युलम को बढ़ाना है तो इसमें सभी विभाग जैसे स्पोर्ट्स, यूथ अफेयर, सोशल अफेयर को भी शामिल करना होगा। आईएएस संतोष यादव ने कहा कि बुनियादी शिक्षा में निवेश करना आज बेहद जरूरी है, तभी हम एक बेहतर नागरिक बन सकते हैं।
कम उम्र में ही रीडिंग विद कॉम्प्रेहेसिव को समझना होगा। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिशन लॉन्च किया गया है, लेकिन उस मिशन का सर्वे स्टेट लेबल पर हर साल कराया जाए, ताकि हमें सही प्रकार से लर्निंग आउटकम के बारे में पता चल सके। प्रेजटेंशन के दौरान संतोष यादव ने कहा कि आज भी ५७ फीसदी बच्चे प्री नहीं जा पाते वह सीधे स्कूल पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि विद्या प्रवेश माड्यूल बनाया गया है, ९० दिन का यह प्रोजेक्ट बच्चों को खेल-खेल में प्री से स्कूल तक ले जाता है। टेक्नोलॉजी को भी और आसान किया जाए और टीचर्स की भी ट्रेेनिंग हर माह कराई जाए।
टीचर बच्चों को स्टोरी, अनुभव के आधार पर पढ़ाएं। ग्रुप में बच्चों को पढ़ाया जाए, क्योंकि ग्रुप में वे बेहद जल्दी सीखते हैं। प्री से लेकर १२वीं तक बच्चों को इस तरह से ट्रेंड किया जाए, जिससे उनकी क्षमता की पहचान कर उसी क्षेत्र में उसे इंटर्नशिप कराई जाए। जो बच्चे स्कूल नहीं गए, उन्हें स्टेट स्कूल और ओपन स्कूल का लाभ दिया जाए। संतोष यादव के इस प्रेजेंटेशन की खूब सराहना की गई।