कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की संयुक्त उम्मीदवार डोली शर्मा पिछली बार लड़े चुनाव से कुछ अलग नजर आ रही हैं। उनके चेहरे पर कान्फिडेंस कुछ अलग तरह का है और काफी हद तक सकारात्मक है। पहले ही नि से जिस तरह डोली शर्मा भाजपा पर हमलावर हुई हैं, उससे उनके कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो भी सकता है। गाजियाबाद में चुनाव लड़ रही तीन चार प्रमुख पार्टियों में भाजपा, कांग्रेस, बसपा और सुभाषवादी भारतीय समाजवादी हैं। इनमें कांग्रेस की उोली शर्मा और सुभाषवादी भारतीय समाजवादी के धीरेन्द्र भदोरिया ने सोमवार को नामांकन पत्र जमा कर दिए। डोली के समर्थक और कांग्रेस-सपा के नेता तथा कार्यकर्ता नवयुग मार्केट के अंबेडकर पार्क में जमा हुए। वहां एकत्र हुई भीड़ देखकर प्रसन्नता हुई कि चलो अब कम से कम गाजियाबाद में एकतरफा चुनाव नहीं होगा। चुनाव कोई भी हो उसका आनंद तभी है जब मुकाबला कड़ा हो। नामांकन के दौरान उमड़ी भीड़ बता रही थी कि कांग्रेस और सपा के लोगों में भी उत्साह कम नहीं है। नामांकन एक तरह से चुनाव की पहली परीक्षा होती है, उसमें डोली शर्म अव्वल रही हैं। कल भाजपा उम्मीदवार अतुल गर्ग और बसपा प्रत्याशी नंदकिशोर पुंडीर भी पर्चा भरेंगे। अतुल गर्ग के नामांकन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा इसे एक बड़ी चुनावी जनसभा बनाने की तैयारी कर रही है। ताकि चुनाव के पहले ही कार्यक्रम से एक बड़ा संदेश गाजियाबाद के मतदाताओं को दिया जा सके। बसपा उम्मीदवार के नामांकन में शमसुद्दीन राइन समेत कई नेताओं के आने की बात कही जा ही है। उसके बाद पता चलेगा कि हाथी की दौड़ की गति क्या रहने वाली है। कांग्रेस में नए जिलाध्यक्ष की भी इस चुनाव में परीक्षा हो जाएगी। क्योंकि कांग्रेस में नए जिलाध्यक्ष कह नियुक्ति ठीक लोकसभा चुनाव के दौरान ही हुई है। चुनाव प्रबंधन एक बड़ी महत्वपूर्ण चीज है।