प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। पर्यावरण विद आकाश वशिष्ठ, जल विज्ञापन में एक्सपर्ट डॉ. सोनिया मुराडिया शर्मा और कचरा प्रबंधन पर नजर रखने वाले प्रवीण कुमार ने प्रेसवार्ता में निगम को निशाने पर लिया। एक प्रेसवार्ता कर उन्होंने नगर निगम के तालाब सफाई और प्रदूषण फ्री सिटी पॉलिसी के साथ कचरा प्रबंधन पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष नगर निगम को शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करीब 60 करोड़ रुपया मिला था। यह फंड एयर क्वॉलिटी को ठीक करने के लिए दिया गया था। इसके तहत ग्रीन बैल्ट विकसित करने और पौधे लगाने पर कार्य किया जाना था। मगर आरोप है कि निगम ने केवल इंटरलॉकिंग टायल्स पर ही पूरा पैसा खर्च कर दिया। इसी के चलते प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। आरोप है कि नगर निगम ने गांव रईसपुर, बम्हेटा आदि के जो तालाब नगर निगम ने सीएसआर फंड से पॉन्ड मैन रामवीर तंवर से साफ कराए हैं, वह कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2008 में साफ हो चुके थे। निगम पर आरोप है कि उनका रख रखाव क्यों नहीं किया गया। कूड़ा प्रबंधन के नाम पर नगर निगम पर गलत बयानी का आरोप भी लगाया। इनका कहना है कि गांव रईसपुर के पास कूड़े का टीला लगा दिया गया है।
निगम की ऐसी कार्रवाई से शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है।