युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पंचम गुरु श्री गुरु अर्जुन देव के शहादत दिवस पर आज गुरुद्वारा जी ब्लॉक कविनगर में विशेष शबद कीर्तन और छबील का आयोजन किया गया। हजूरी रागी ज्ञानी राजेंद्र सिंह ने गुरुवाणी गायन करते हुए गुरु इतिहास की जानकारी दी। गुरुद्वारा के अध्यक्ष रविन्दर सिंह जौली ने बताया कि गुरु साहब ने अमृतसर में श्री दरबार साहिब, तरनतारन साहिब व करतारपुर साहिब की स्थापना करते हुए नए शहर बसाये थे। बाद में संगत को मीठे शरबत व लंगर प्रसाद का वितरण भी किया गया। मौलाना आज़ाद एजूकेशन फांउडेशन के उपाध्यक्ष सरदार एस पी सिंह ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने समाज में सदैव समानता व सभी धर्मों को बराबर सम्मान का संदेश दिया था। उन्होंने गुरु ग्रन्थ साहिब का सम्पादन करने के साथ साथ अन्य कई वाणियों की रचना की। समानता के संदेश से मुग़ल सम्राट काफ़ी परेशान थे, इसी कारण तत्कालीन मुग़ल बादशाह जहांगीर ने लाहौर में उनको जून 1606 में यासा और सियासत के तहत भीषण गर्मी में गर्म लौह पर बिठाकर उनके शरीर पर गर्म रेत डलवा कर शहीद किया था। इस मौके पर अजय चोपड़ा, गुरमीत सिंह, जसप्रीत सिंह, सर्वजीत सिंह, सहदेव सिंह, मीत पाल व अमरप्रीत सिंह आदि उपस्थित रहे ।