युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश की योगी सरकार की ओर से न्याय शुल्क में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने के विरोध में पश्चिम उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में आज यानि शुक्रवार को वकील हड़ताल पर रहे। वकीलों के हड़ताल पर रहने से न्यायिक कार्यों पर इसका असर पड़ा। हालांकि कोर्ट खुले थे लेकिन न्यायिक कार्य नहीं हो पाए।
प्रदेश सरकार के इस फैसले के विरोध में गाजियाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय के वकील हड़ताल पर रहे। गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक ने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के वकीलों की मेरठ में हुई एक बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया था कि प्रदेश सरकार की ओर से न्याय शुल्क में दस प्रतिशत की वृद्घि किए जाने के विरोध में शुक्रवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के वकील हड़ताल पर रहेंगे। हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति मेरठ के आहवान पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के वकीलों ने हड़ताल कर सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की। इस हड़ताल को बार एसोसिएशन का पूर्ण समर्थन था। इस मौके पर सचिव नितिन यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमबीर सिंह रावल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विप्लव शर्मा, सह सचिव आभा सिंह, रूबी कश्यप, हरेंद्र गौतम, जगमोहन सिंह मदान, मनोज शर्मा, श्रीमती पंकज श्रीवास्तव, कुमुदिनी शुक्ला, मनमोहन सिंह, मीनाक्षी आर्चाय, सौरभ कश्यप आदि ने भी हड़ताल का समर्थन किया।