प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। निगम द्वारा 23 वार्ड में जीआईएस सर्वे के आधार पर जारी किए गए नोटिसों पर आपत्ति और सुझाव मांगे है। मगर निगम ने कुछ इस तरह से प्लान किया कि लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। इसी के चलते अभी तक एक भी व्यक्ति द्वारा आपत्तियां दर्ज नहीं कराई गई है। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है। हाल ही में निगम प्रशासन ने 23 वार्डों में जारी किए गए जीआईएस सर्वे के हिसाब से नोटिस जारी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। निगम ने किस किस मकानों पर पहले क्या टैक्स लगा था और अब क्या हाउस टैक्स लगा है इसकी डिटेल सार्वजनिक नहीं की है। इस कारण लोगों को नहीं पता कि उनके ऊपर अब जीआईएस सर्वे के नाम पर कितना हाउस टैक्स बढ़ाया गया है। निगम ने न तो मुख्यालय और न ही जोनल ऑफिस में ऐसी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक की है कि जिससे आम व्यक्ति को पता चल सके कि उनकी प्रॉपर्टी पर नए नोटिस के हिसाब से कितना हाउस टैक्स बढ़ा है। दरअसल हाल ही में नगर निगम चुनाव है। माना जा रहा है कि निगम ने ऐसा इस लिए किया ताकी शहर में हाउस टैक्स के बढ़े बिलों का एक पैनिक नहीं फैले। यहीं कारण है कि अभी तक हाउस टैक्स के नए नोटिस के हिसाब से 23 वार्ड से एक भी व्यक्ति ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम कितना चुपचाप तरीके से हाउस टैक्स के नोटिस के हिसाब से लोगों की जेब से पैसा निकालने की कोशिश में है।