नोएडा (युग करवट)। आईसीएआरई आई हॉस्पिटल एंड पीजी इंस्टीट्यूट द्वारा आज सेक्टर-29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में पत्रकारों के लिए कार्यशाला और नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया।
नेत्र जांच शिविर के दौरान आईकेयर आई हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. सौरभ चैधरी ने कहा कि भारत में मोतियाबिंद और ग्लूकोमा के बाद नेत्रहीनता सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात का अंदाजा तक नहीं है कि डायबिटीज से किसी तरह से उनकी आंखें भी क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। हाल ही में किये गये एक सर्वे के मुताबिक, 63 फीसदी लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि डायबिटीज के चलते उनकी देखने की क्षमता को गहरा नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं भारत में 93 फीसदी लोग तभी किसी ऑप्थलमॉलॉजिस्ट (नेत्र विशेषज्ञ) के पास जाते हैं जब उन्हें आंखों से संबंधित किसी तरह की कोई समस्या होती है। तब तक आंखों को गहरी क्षति हो चुकी होती है और ऐसे में मरीजों का इलाज कर उन्हें ठीक करना बहुत मुश्किल होता है।