युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजनेता, अपराधी और नौकशाहों के तथाकथित गठजोड़ कठोर टिप्पणी की है।
उच्च अदालत ने कहा है संसद और भारत निर्वाचन आयोग को राजनीति से अपराधियों को बाहर करने के लिए समुचित कदम उठाने चाहिए। राजनेताओं, अपराधियों और नौकरशाहों के बीच का अपवित्र गठजोड़ मिटा देना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस दिशा में उचित कदम उठाने को कहा है किंतु अभी तक चुनाव आयोग और संसद ने ऐसा करने के लिए सामूहिक इच्छा शक्ति नहीं दिखाई है।
यह टिप्पणी जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने बसपा सांसद अतुल कुमार सिंह उर्फ अतुल राय की जमानत अर्जी खारिज करते हुए की। राय अपने खिलाफ दर्ज केस को वापस करने के लिए पीडि़ता और उसके गवाह पर नाजायज दबाव बनाने के आरेाप में जेल में बंद हैं।