युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को देश की मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की। चालू वित्त वर्ष की इस पहली मौद्रिक समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट यानी कि नीतिगत ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है। रेपो रेट 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 3.35 प्रतिशत पर बरकरार है। इसी के साथ आरबीआई ने मौद्रिक नीति को लेकर अपने रुख में भी कोई बदलाव नहीं किया है और इसे लचीला बनाए रखा है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक बुधवार को शुरू हुई थी।
मोनेटरी पॉलिसी में नीतिगत दरों को यथावत रखने के साथ ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान घटाया है। ये पहली तिमाही में 16.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4 प्रतिशत रह सकती है। जबकि पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष में महंगाई के भी ऊंचाई पर रहने का अनुमान जताया है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसके 5.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में महंगाई दर 6.3 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.1 प्रतिशत रहने वाली है।