युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जैसे जैसे गर्मी बढ़ती है, पेय पदार्थों की खपत भी बढ़ जाती है जिसमें नींबू शिंकजी का भी इस्तेमाल सबसे अधिक होता है। लेकिन इन दिनों नींबू ने लोगों के दांत खट्टे करने शुरू कर दिए हैं। गर्मी के तेवर बढऩे के साथ ही नींबू के दाम भी ऊंचाई पर पहुंच गए है। १५ दिन पहले तक जो नींबू ८० से सौ रुपए किलो के बीच मिल रहा था अब उसका दाम २५० रुपए के पार पहुंच गया है। थोक रेट में तो यह हाल है कि छोटे दुकानदार दस से पंद्रह रुपए में महज दो नींबू ही ग्राहकों को थमा रहे हैं।
नींबू के साथ हरी मिर्च भी अपने रंग दिखा रही है। हरी मिर्च के दाम सौ रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इन हालातों में ग्राहकों को नींबू मिर्च खरीदने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सब्जी दुकानदारों का कहना है कि नींबू-मिर्ची के दाम बढऩे के पीछे इन दिनों पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से ट्रांसपोर्ट पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट मंहगा होने से एक राज्य से दूसरे राज्य तक नींबू पहुंचाने में ही अच्छा-खासा खर्च बैठता है।
वहीं इस बार नींबू की आवक भी गत वर्ष के मुकाबले कम है जिसकी वजह से भी दाम पर असर पड़ा है। गर्मियों में नींबू की खपत सबसे अधिक होती है, यही वजह है कि नींबू मिर्च के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। दुकानदारों ने बताया कि अगर आवक नहीं बढ़ी तो इसके दाम तीन सौ के पार भी जा सकते हैं। नींबू के दाम बढऩे से शिंकजी विक्रेताओं ने भी दामों में इजाफा कर दिया है जिसका असर सीधा लोगों की जेब पर पड़ रहा है।