युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को वसुंधरा स्थित पावर सब स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली घर से फीडर से जुड़े कनेक्शन, बिजली आपूर्ति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के बाद ऊर्जा मंत्री ने पत्रकारों व जनता से बिजली सप्लाई को लेकर फीडबैक लिया। मीडिया से हुई वार्ता में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि प्रदेश की जनता को निर्बाध, पर्याप्त और सस्ती बिजली मिले जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पावर सप्लाई को लेकर पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले लोगों को बामुश्किल १० से १५ घंटे ही बिजली मिल पाती थी। प्रदेश के चंद जिलों में ही बिजली सप्लाई बरकरार रहती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में सात-सात दिन तक बिजली नहीं आती थी। लेकिन योगी सरकार ने इस दिशा में प्रयास किए और वर्तमान में २५ हजार मेगावॉट बिजली की डिमांड को पूरा किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का सपना है कि जनता को पर्याप्त, निर्बाध और सस्ती बिजली दी जाए। यह तभी संभव है जब उपभोक्ता समय से अपना बिल जमा करें। पिछले तीन साल से सरकार ने बिजली दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है। वर्तमान में पावर कॉरपोरेशन करीब ९० हजार करोड़ के घाटे में हैं लेकिन फिर भी दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही है। भविष्य में भी उपभोक्ता समय से बिल जमा करें तो दरों को कम किया जा सकता है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने ५४ फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दर बढ़ाई है। गांव हो, शहर हो, सभी को समान बिजली दी जा रही है। शहरी क्षेत्र में २४ घंटे, तहसील स्तर पर २० और ग्रामीण क्षेत्र में १८ घंटे की सप्लाई दी जा रही है। अलग-अलग क्षेत्रों के फीडर भी अलग किए गए हैं जिससे बिजली घरों पर लोड कम हुआ है और पर्याप्त बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आंधी बारिश से हुए नुकसान के कारण कुछ जगहों पर दिक्कतें आई हैं लेकिन जल्द ही इन्हें भी दूर कर लिया जाएगा। कोरोना के दौर में बिजली बिल में छूट दिए जाने के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस दौर में कॉरपोरेशन ने भी बड़ी संख्या में कर्मियों को खोया है। जान दांव पर लगाकर लॉकडाउन के दौरान बिजली सप्लाई की गई है। कॉरपोरेशन घाटे में चल रहा है लेकिन फिर भी सरकार इस मामले पर विचार कर रही है। हालांकि, इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रदेश में चल रही राजनीतिक उठापटक को लेकर किए गए सवालों के जवाब देने से बचते दिखे। निरीक्षण के उपरांत ऊर्जा मंत्री ने पत्रकारों से भी उनके क्षेत्र में पावर सप्लाई को लेकर फीड बैक लिया और जहां-जहां कमी की शिकायत आई, तत्काल उस क्षेत्र के अधिकारी को बुलाकर नोट कर दूर कराने के निर्देश दिए। भाजपा नेताओं से भी उन्होंने फीड बैक लिया। इस अवसर पर पार्षद मंजू त्यागी ने बिजली समस्या को लेकर ज्ञापन दिया। इस दौरान पीवीएनएल के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एसीएम विनय कुमार, चीफ इंजीनियर पंकज श्रीवास्तव, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, महानगर मंत्री पप्पू पहलवान, सुशील गौतम, यतेंद्र नागर, राजेश त्यागी व पार्षद मंजू त्यागी आदि भाजपा नेता व पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी मौजूद रहे।

ऊर्जा मंत्री ने हटवाए कार्पेट
वसुंधरा बिजली घर के निरीक्षण पर पहुंचे ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के स्वागत में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा परिसर में कॉर्पेट लगवाए गए थे। परिसर में कॉर्पेट लगे देख ऊर्जा मंत्री भड़क उठे और अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल उन्हें वहां से हटवाया। यहां तक कि ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि किसके कहने पर कॉर्पेट बिछवाए गए हैं। मंत्री की नाराजगी को देखते हुए तत्काल इन कॉर्पेट को हटवाया गया।