गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम की वसुंधरा जोन स्थित मैसर्स एजिंल प्रमोटर्स प्रतिष्ठान पर हाउस टैक्स के हुए घोटाले में कर निर्धारण अधिकारी महेन्द्र सिंह को निलंबित कर दिया। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए अपर मंडलायुक्त को जांच अधिकारी बनाया गया है। अपर मंडलायुक्त को कर निर्धारण अधिकारी महेन्द्र सिंह पर लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट तैयार कर भेजने के लिए शासन ने पन्द्रह दिनों का समय दिया है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने इसकी पुष्टि की है। मैसर्स एंजिल प्रमोटर्स प्रा. लि. पर एक अप्रैल 2019 को दो करोड़ 46 लाख रूपये टैक्स निर्धारित किया गया था। कंपनी ने एक साथ टैक्स जमा न कर किश्त बनवाई। कंपनी की ओर से नैनीताल बैंक का पांच लाख का चेक दिया गया जो बाउंस हो गया। इस मामले में वसुंधरा जोन के तत्कालीन कर निर्धारण अधिकारी महेन्द्र सिंह आदि चार अधिकारियों कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। प्रकरण की जांच नगर आयुक्त नें मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा से कराई। जांच में उन्होंने पाया कि मामले में वसुंधरा जोन के तत्कालीन कर निर्धारण अधिकारी महेन्द्र सिंह, तत्कालीन राजस्व कर निरीक्षक द्वितीय और राजस्व निरीक्षक तथा कर अधिक्षक को भी दोषी पाया गया। इस मामले में नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने कर निर्धारण अधिकारी महेन्द्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को कार्रवाई करने के लिए लिखा था। इस मामले में उनको अब निलंबित कर दिया गया। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि इस मामले में बाकी के तीन और अधिकारियों पर भी निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। उस मामले में भी जांच शुरू की गई है। जांच में अगर दोषी पाए जाते है तो इस मामले में आख्या मिलते ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।