युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। बीजेपी पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने प्रति नई ट्यूबवेल 18 लाख रुपये अधिक में लगाने का विरोध किया था। अब वहीं खेला निगम में होने जा रहा है। 18 लाख रुपये में प्रति ट्यूबवेल लगवाने के लिए अब रास्ता साफ हो गया है। जलकल विभाग की संस्तुति पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने प्राइवेट ठेकेदार को दिए गए टेंडर को कैंसल कर दिया। जिस कंपनी का टेंडर निरस्त किया गया है वह मात्र करीब 31 लाख रुपये में एक नई ट्यूबवेल लगाने जा रहा था। निगम ने करीब डेढ़ महीने पहले शहर में नौ नई टï्यूबवेल लगाने के लिए टेंडर निकाले थे। निगम ने प्रत्येक नई टï्यूबवेल लगाने और उसको पाइप लाइन से लिंक करने तथा बिजली लाइन तैयार करने आदि के लिए जो इस्टीमेट फाइनल किया था वह करीब 45 लाख रुपये प्रति ट्यूबवेल है।
टेंडर में एक कंपनी का सबसे न्यूतम रेट आया। कंपनी नई ट्यूबवेल करीब 31 लाख रुपये में लगाने को तैयार हो गई थी। इतने सस्ते में ट्यूबवेल लगाने का ठेका निगम प्रशासन को पसंद नहीं आया। ऐसे में जल कल विभाग के एक अधिकारी ने अवस्थाना निधि समिति के एक मात्र प्रस्ताव के आधार मानकर इस कंपनी के टेंडर को कैंसल करने की संस्तुति कर रिपोर्ट नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को भेजी थी। नगर आयुक्त ने कंपनी का टेंडर अब कैंसल कर दिया है। अब निगम जल निगम को 18 लाख रुपये अधिक यानि 49 लाख रुपये प्रत्येक ट्यूबवेल लगाने का पैसा देगा। जो नगर निगम की इस्टीमेट से भी करीब चार लाख रुपये अधिक है।