प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम में अब एक एफडीआर को कई टेंडर में लगाने का खेल पूरी तरह से समाप्त हो गया है। अब नगर निगम ने नई पॉलिसी लागू कर दी। इसके तहत नगर निगम प्रशासन सभी टेंडर के लिए आरटीजीएस से ई कैश ट्रांसफर करना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि नगर निगम के ठेकेदार इसका विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि एफडीआर में जमा रकम का तो उन्हें ब्याज मिलता है मगर नगर निगम के खाते में दर्ज आरटीजीएस के जरिए कैश मनी ट्रांसफर करने से उन्हें ब्याज नहीं मिलेगा।
गत दिनों इस प्रकरण को लेकर नगर निगम के ठेकेदारों ने नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर से मुलाकात की थी। उन्होंने इस मामले में एक ज्ञापन भी निगम को दिया था। उनका कहना था कि अगर यह नई व्यवस्था लागू होती है तो इससे नगर निगम के ठेकेदारों को भारी नुकसान होगा। नगर निगम ने इस नई व्यवस्था पर अमल पर रोक लगाने की मांग भी की थी। वहीं दूसरी और पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने भी इस मामले को नगर निगम बोर्ड की बैठक में उठाया था। बावजूद इसके नगर निगम ने इस नई पॉलिसी को लागू कर दिया है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि गत दिनों ऐसे कई प्रकरण सामने आए थे कि एक एफडी के बूते पर कई ठेकेदारों ने निगम में कई कई करोड़ के कई ठेके हथियाने का कार्य किया था। इस तरह की अनियमितता को दूर करने के लिए नगर निगम ने अब एफडीआर के बारबार ई-पेमेंट पॉलिसी लागू की है। इससे किसी भी तरह की अनियमितता से बचा का सकेगा।