युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लंबे समय बाद आज नगर निगम बोर्ड की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता में मेयर आशा शर्मा ने की। बैठक में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर सहित कई अन्य पार्षदों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बैठक में कई मसलों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम में बैठक चल रही थी और दूसरी ओर व्यापारियों की नारेबाजी हो रही थी। दरअसल शहर के व्यापारी नगर निगम की दुकानों पर डीएम सर्किल रेट के हिसाब से किराया बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। इसकी अगुवाई पार्षद राजीव शर्मा और अन्य कई पार्षद कर रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि सदन के अंदर समाचार लिखे जाने तक यह मुद्दा किसी भी पार्षद द्वारा नहीं उठाया गया। यह जरूर है कि पार्षद हिमांशु लव ने केवल इतना कहा कि मेयर साहब ऊपर जो व्यापारी बैठे हैं उनकी बात भी सुन ली जाए। इसके बाद सबसे पहले बजट को पेश किया गया। बजट पर सबसे पहले चर्चा वरिष्ठ पार्षद अनिल स्वामी ने की।
उन्होंने बैलेंस शीट जारी करने के लिए नगर निगम का धन्यवाद किया। मगर साथ ही कहा कि जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं वह आडिट होने चाहिए। हालांकि बाद में इसका उत्तर भी नगर निगम प्रशासन द्वारा दिया गया।
इसके अलावा पार्षद हिमांशु लव ने नगर निगम से पूछा कि शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था क्या है। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट लगाया जाएगा । यह प्लांट गालंद में लगा जाना है। जहां जमीन की बाउंड्री बनाने का काम चल रहा है। पार्षद नरेश कुमार का कहना था कि विजयनगर में कूड़ा डालने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने का प्रस्ताव रखा गया है इसका विरोध होने की आशंका है। इसीलिए तैयारी के साथ इस पर विचार किया जाए। इस दौरान पार्षद अनिल स्वामी ने कहां एक पार्षद को मिनट्स तक नहीं दी गई। जब सदन सचिव से पूछा गया तो उन्होंने गाइडलाइन की प्रतिलिपि मुझे भेज दें। उन्होंने सवाल किया कि क्या गाइडलाइन के हिसाब से ही एजेंडा जारी किया गया है। नगर निगम में सीवर और फूलों की चल रही समस्या का मामला भी उठाया गया। इस दौरान चालू वित्त वर्ष का बजट और कई सौ करोड रुपए के विकास कार्यों का प्रस्ताव भी पास किया गया।
-बोर्ड बैठक में पेश किए गए खास प्रस्ताव-निगम बोर्ड की बैठक में आज कई खास प्रस्तावों का एजैंडा पेश किया गया। इसमें चालू वित्त वर्ष की बैलेंसशीट पहली बार पेश की गई। इसके अलावा पूरक बजट और कई विकास कार्य के प्रस्ताव भी सदन में पेश किए गए। इनमें विकास के मुख्य प्रस्तावों में डूंडाहेड़ा सीवरट्रीटमेंट प्लांट के पास नगर निगम की खाली पड़ी करीब 15 एकड़ जमीन को कूड़ा प्रबंधन में यूज करने, गांव मोरटा में नगर निगम की जमीन एक बिल्डर के साथ एक्सचेंज करने, रोडवेज की कौशांबी, साहिबाबाद और पुराना बस अड्डा डिपो के लिए दूसरी जगह अस्थाई बस संचालन के लिए जमीन देने का प्रस्ताव है। रोडवेज को करीब तीन महीने के लिए जमीन की जरूरत है। वह इसके लिए किराया देने को भी तैयार है। शहीद नगर में हिंदू और मुस्लिम समादाय लोगों के लिए कब्रिस्तान और शमशान घाट के लिए जमीन का प्रस्ताव पेश किया गया। इसके अलावा शहर में नगर निगम द्वारा कराए गए एक सर्वे का डेटा भी प्रस्तुत किया गया। डेटा के हिसाब से शहर में कुल 1702 प्रॉपर्टी नगर निगम की ठिए और दुकानों के तौर पर है। इनमें 1280 पक्की दुकानें है। इन दुकानों का किराया लंबे समय से नहीं बढ़ा है। निगम की कोशिश है कि इनका किराया डीएम द्वारा तय सर्किल रेट के हिसाब से बढ़ाया जाए।
आरआरटीएस दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के लिए हाईस्पीड ट्रेन प्रोजैक्ट पर कार्य कर रहा है। 147 वर्ग मीटर और इसके अलावा 15323 वर्ग मीटर जमीन की मांग स्थाई तौर पर मांगी है। निगम 147 वर्ग मीटर जमीन का आरआरटीएस से 75 हजार रुपये मांग रहा है। जबकि 15323 वर्ग मीटर जमीन देने के लिए नगर निगम को आरआरटीएस एक रुपया प्रति वर्ग मीटर जमीन 99 साल की लीज पर लेने को तैयार है। इसके अलावा नूर नगर में नगर निगम की जमीन के एक्सचेंज करने, गुलधर के पास फ्री होल्ड इंडस्ट्री एरिया का नाम भाजपा नेता के पिता हीरा लाल गोयल इंडस्ट्री एरिया के नाम पर रखने, सीएलसी के माध्यम से नौकरी पर रखे गए वाहन चालकों के वेतन में वृद्घि करने, शहर में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के लिए जमीन देने, डूंड़ा हेड़ा में 50 बैड के अस्पताल के लिए जमीन देने, शांतिनगर में जल समस्या को दूर करने आदि के प्रस्ताव पेश किया गया।
बैठक में एक सबसे खास प्रस्ताव तंबाकू प्रॉडैक्ट बिना लाइसेंस के नहीं बेचने का पेश किया गया। प्रस्ताव के पास होते ही शहर में तबाकू प्रॉडैक्ट बेचने के लिए लाइसेंस लेना होगा। इसमें से कई प्रस्तावों पर सदन ने स्वीकृति की मुहर लगा दी है। पार्षद मनोज चौधरी ने कहा कि पक्षपात पूर्ण तरीके से शहर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि साठ साठ लाख रुपए के जो प्रस्ताव पास हुए थे। वह भी नहीं कराए गए। इसके बाद में पक्षपात पूर्ण तरीके से विकास कार्य कराने का आरोप संजय सिंह पार्षद ने लगाया। उन्होंने लिस्ट में पढ़ कर बताया, कि किस पार्षदों के वार्ड में अतिरिक्त फंड से विकास कार्य कराए गए ।इसके बाद संजय सिंह ने इंदिरापुरम कॉलोनी के टेकओवर करने के प्रस्ताव को लेकर मामला उठाया। इस मामले को लेकर मेयर और पार्षद संजय सिंह के बीच जमकर नोकझोंक हुई।