युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना के दौर में कई परिवार तबाह हो गए। कई परिवार ऐसे थे जहां अकेला ही व्यक्ति कमाने वाला था, उसकी जान भी कोरोना ने ले ली। कइ परिवार ऐसे हैं जहां बच्चों के ऊपर से माता और पिता का साया ही उठ गया है। संकट की इस घड़ी में जहां राहत देने की बात हो रही है वहीं नगर निगम टैक्स में 15 प्रतिशत की वृद्घि करने की जिद पर अड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि अगले महीने से बढ़े हुए टैक्स के बिल लोगों के घरों पर भेजने भी शुरू हो जाएंगे। इसको लेकर अब नगर निगम निशाने पर आ गया है। भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने निगम को चेतावनी दी है कि अगर वह ऐसा करता है तो वह निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट फाइल करेंगे।
निगम का कहना है कि पार्षद राजेंद्र त्यागी ने कई वर्ष पहले प्रति वर्ष पांच प्रतिशत के हिसाब से हाउस टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पेश किया था। बाद में राजेंद्र त्यागी, पूर्व पार्षद वीरेंद्र चौधरी, पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी और पार्षद हिमांशु मित्तल ने हाईकोर्ट में रिट फाइल की थी जिसमें कहा गया था कि नगर निगम प्रतिशत को आधार मानकर टैक्स नहीं बढ़ा सकता है। उसने जो टैक्स पार्षद राजेंद्र त्यागी के पेश हुए प्रस्ताव के आधार पर बढ़ाया, उसकी अनुमति सरकार से लेनी अनिवार्य है। निगम ने सरकार की अनुमति के बिना ही टैक्स बढ़ाने का कार्य किया है।
रिट को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पक्ष रखने को कहा था। सरकार और नगर निगम के खिलाफ विवाद कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में निगम एक बार फिर से 15 प्रतिशत की दर से हाउस टैक्स में वृद्घि करने जा रहा है। पार्षद मित्तल का कहना है कि अगर निगम ऐसा करता है तो वह निगम के इस कदम को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और किसी भी सूरत में अवैध रूप से हाउस टैक्स को नहीं बढऩे देंगे।
उन्होंने मेयर आशा शर्मा के एक बयान को भी आधार बनाया है। उनका कहना है कि मेयर ने गत दिनों कहा था कि टैक्स कितना बढ़ाया जाएगा, यह फैसला अलग से टैक्स को लेकर बुलाई जाने वाली बैठक में होगा। पार्षद मित्तल का कहना है कि बैठक में तो ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ कि टैक्स में 15 प्रतिशत की वृद्घि की जाएगी। फिर निगम प्रशासन अपने स्तर से टैक्स में कैसे वृद्घि कर सकता है।
मित्तल का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान परिवार के परिवार उजड़ गए। काफी लोगों की नौकरी चली गई। बेरोजगारी दर बढ़ गई। कई लोगों का वेतन घट गया। इस संकट के समय में निगम टैक्स बढ़ाकर शहर की जनता पर कुठाराघात करना चाहता है लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। फिर भी अगर टैक्स बढ़ता है तो विपक्षी लोगों के साथ मिलकर निगम का घेराव किया जाएगा।