प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। आरआरटीएस को करीब 15 हजार वर्ग मीटर जमीन स्थाई रूप से देने के लिए रजिस्ट्री की जाएगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से एक प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। उसकी एनओसी मिलने के बाद ही नगर निगम जमीन की रजिस्ट्री आरआरटीएस के पक्ष में करेगा। यह प्रस्ताव हाल ही में तब भेजा गया जब आरआरटीएस ने इस बाबत नगर निगम के प्रॉपर्टी विभाग को पत्र लिखा था। पत्र में आरआरटीएस का कहना था कि जो जमीन स्थाई रूप से दी जानी है उसकी नगर निगम उनके पक्ष में रजिस्ट्री करे। नगर निगम ने आरआरटीएस को एक पत्र भेजा है। पत्र में आरआरटीएस को कहा गया है कि नगर निगम सरकारी जमीन का केवल संरक्षक है। सरकारी जमीन का स्वामित्व प्रदेश सरकार के पास है। ऐसे में जब तक प्रदेश सरकार इसकी अनुमति जारी नहीं करेगी तब नगर निगम अपने स्तर से जमीन की रजिस्ट्री नहीं करेगा। गौरतलब है कि आरआरटीएस चाहता है कि करीब 15 हजार वर्ग मीटर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री जल्द से जल्द हो जिससे प्रॉजेक्ट को लेकर किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। नगर निगम प्रशासन इस मामले में कदम फूंक-फूंक कर उठा रहा है। नगर निगम प्रशासन इस मामले में बिना सरकार की अनुमति के कोई कदम उठाना नहीं चाहता।