युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सेटेलाइट इमेजिंग सर्वे के आधार पर जिन हाउस टैक्स बिलों को तैयार करने का दावा किया गया, उसमें बड़ी गलती सामने आई है। सेटेलाइट इमेजिंग सर्वे में किसी भी प्लॉट को उतना ही प्रदर्शित किया जाता है जितना वह वास्तव में है। मगर यहां कविनगर सी ब्लॉक में एक ही साइज के प्लॉट का एरिया अलग अलग दिखा कर निगम ने नोटिस थमा दिए। नोटिस तैयार करने वाली प्राइवेट कंपनी के इससे एयर सर्वे की पोल खुल गई है। कविनगर सी ब्लॉक में प्लॉट नंबर 87 और कविनगर सी-92 को निगम की ओर से हाउस टैक्स के नोटिस भेजे गए। नोटिस में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। दोनों ही प्लॉट जीडीए द्वारा एक ही साइज के विकसित किए गए है। मगर नोटिस में निगम ने केसी -87 का क्षेत्रफल 3400 वर्ग फुट दिखाया है। जबकि बगल के प्लॉट केसी-92 का एरिया नोटिस में 3000 वर्ग फुट दिखाया गया है। यह मकान बीजेपी पार्षद हिमांशु मित्तल का है। इन नोटिसों को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे है। पार्षद हिमांशु मित्तल ने एयर सर्वे पर ही सवाल खड़े किए है। सर्वे में कैसे एक साइज के प्लॉट का अलग अलग नोटिस में साइज अलग अलग आ सकता है। नोटिस पर किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर न होना भी गलत है। साथ ही नोटिसों को रिसीव तक नहीं कराया जा रहा है।