गाजियाबाद (युग करवट)। यूपी के सभी 17 नगर निगमों के मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल इसी महीने की 23 को समाप्त होने जा रहा है। इसके साथ ही नगर निगमों में मेयर का कार्यकाल भी बोर्ड के कार्यकाल के साथ ही समाप्त हो जाएगा। उधर, मेयर काउंसिल चुनाव होने तक मेयर का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में यह केस ऑल इंडिया मेयर काउंसिल के अध्यक्ष एवं आगरा के मेयर नवीन जैन फाइल किया है। इस प्रकरण में इसी सप्ताह शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट में दायर रिट में श्री जैन नेनगर निगम अधिनियम की धारा 15 (3) को आधार बनाया है। अधिनियम की उक्त धारा के मुताबिक किसी भी मेयर का कार्यकाल नए मेयर के चुनाव तक जारी रखने का प्रावधान है, मगर यूपी में 23 जनवरी को नगर निगम के मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, साथ मेयर का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा जो नगर निगम अधिनियम की धारा 15(3) के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने इस रिट को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग को नोटिस जारी किया है। जल्दी ही जवाब सुप्रीम कोर्ट में जमा कराने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि इस रिट पर सुनवाई शुक्रवार को हो सकती है। उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह तक इस रिट पर फैसला आ जाएगा। ऐसे में यूपी के सभी नगर निगमों के मेयर को उम्मीद है कि चुनाव होने के बाद नए मेयर के नियुक्ति तक उनका कार्यकाल बढ़ सकता है।