प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। बीजेपी से मेयर के टिकट के लिए अभी से सियासी दावपेंच चल रहे हैं। यह नहीं कहा जा सकता है कि इस बार इस मामले में कौन बाजी मारेगा। टिकट की दौड़ में जो लोग लगे हैं उनमें कई धुरंदर नेता और प्रभावशाली सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं, लेकिन मेयर पद पर रहते हुए मेयर आशा शर्मा ने गाजियाबाद का नाम देश-प्रदेश में रोशन किया था। ऐसे में कहा जा सकता है कि दूसरी बार उनकी मेयर पद के लिए दावीदारी में दम है। बतौर मेयर आशा शर्मा का कार्यकाल इसी महीने की 12 दिसंबर को पूरा हो गया है। पांच वर्ष के उनके कार्यकाल में गाजियाबाद का नाम देश विदेशों तक रोशन हुआ। स्वच्छ सर्वेक्षण के मामले में गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम है जो दो बार पहले स्थान पर रहा। इस बार गाजियाबाद ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस को पीछे छोड़ते हुए स्वच्छता के मामले में बाजी मारी है। इतना ही नहीं स्वच्छता के मामले में ऑल इंडिया रैंक में भी कई बार तो गाजियाबाद दिल्ली से भी आगे रहा है। सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट में भी गाजियाबाद ने अच्छा कार्य किया है। इसके लिए पिछले वर्ष की गाजियाबाद की ओर से तत्कालीन नगर आयुक्त को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में पारितोषिक मिला है। शहर को पर्यावरण फे्रंडली बनाने के लिए गाजियाबाद को पहली बार 62 करोड़ रूपये का फंड केंद्र सरकार की ओर से दिया गया। शहर में वॉटर सप्लाई की अनेक ऐसी योजनाओं पर कार्य हो रहा है जिससे आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा। सीवर सिस्टम को और स्मार्ट बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। हिंडन नदी को साफ रखने के लिए गाजियाबाद में ही करीब कई सौ करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार हो रही है। हाउस टैक्स में पहले मैन्युवल बढ़ा कर बिल भेजकर लोगों को तंग किया जाता था इसके लिए ऑटोमैटिक बिल जनरेट सिस्टम शुरू किया गया। लोग तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सके इसके लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल बनाया गया।
इस मामले में भी गाजियाबाद नगर निगम पहले नंबर पर है। शहर के 16 पार्कों में ओपन जिम बनाने और पहली बार एक साथ 200 पार्कों को विकसित करने का भी रिकॉर्ड यूपी में गाजियाबाद के नाम है। सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट भी अच्छा कार्य होने के साथ लगातार कई सौ घंटे सफाई के मामले में गाजियाबाद गीनीज बुक ऑफ वल्र्ड में नाम दर्ज है। इसलिए कहा जा सकता है कि मेयर आशा शर्मा की टिकट की दावेदारी में दम है। हालांकि, बीजेपी में डीसी गर्ग के अलावा किसी को मेयर पद के लिए दूसरी बार टिकट नहीं दिया गया है।