युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। साईंउपवन से होकर जा रहे गंदे नाले को लेकर अब नगर निगम के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलेगा। इस मामले में हाईकोर्ट ने पार्षद राजेन्द्र त्यागी की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। अवमानना के मामले में हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त से जवाब तलब किया है। पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने वर्ष 2012 में एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। त्यागी का आरोप था कि साईं उपवन से होकर एक नाला जाता है जो आगे जाकर हिंडन नदी में गिर रहा है। यह नाला कच्चा है इस नाले के पानी के ओवर फ्लो होने के कारण गंदा पानी भरने से साईं उपवन में खड़े कई हजार हरे पेड़ सूख कर बरबाद हो गए। इस मामले में हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2012 में आदेश पारित किया। निगम से कहा कि संबंधित नाले को पक्का किया जाए। साथ ही इस नाले के पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट भी साईं उपवन में लगाया जाए। साथ ही साईं उपवन की जमीन के किसी और यूज के लिए उपयोग करने पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने नगर निगम के खिलाफ इस मामले में कोर्ट से अवमानना का केस पर सुनवाई करने के लिए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने अपने ही आदेश का अनुपालन नहीं करने के मामले में नगर आयुक्त से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त से वर्ष 2012 में जारी किए गए अपने आदेश के अनुपालन को लेकर स्टेट्स रिपोर्ट हाईकोर्ट ने तलब की है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि हाईकोर्ट में दायर अवमानना केस के मामले में जल्दी ही जवाब दाखिल किया जाएगा। इस मामले में अब हाईकोर्ट में सुनवाई 24 मई को होगी।