युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निगम द्वारा हाल ही में मांगे गए करोड़ों रुपये के ई-टेंडर में ही खेल हो गया। पता चला कि ई-टेंडर पर जो डाक्यूमेंट अपलोड किए गए उनमें कई फर्जी दस्तावेज शामिल है। इसमेंकई ठेकेदारों के शामिल होने से निगम के निर्माण विभाग के अधिकारी भी सकते में आ गए है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। नगर निगम प्रशासन ने सभी टेंडरों की वर्किंग रोक दी है। अब नगर निगम ऐसे ठेकेदारों की पहचान करने की कोशिश में लगा है जिन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र नगर निगम की वेबसाइट पर अपलोड़ कर दिए। मामला इस लिए भी गंभीर है कि जिन बिल्डरों पर ऐसा करने का आरोप है उनकी संख्या करीब एक दर्जन से भी अधिक है। इसमें कई प्रभावशाली ठेेकेदार भी बताए जाते है। इस मामले को लेकर अब नगर निगम प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है। यहीं कारण है कि इस प्रकरण को लेकर नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों में भी हडक़ंप मचा हुआ है। निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी तक भी यह प्रकरण पहुंच गया है। उनका कहना है कि जो शिकायत मिली है वह एक गंभीर मामला है। वह इस मामले की जांच कराने की बात कर रहे है। इससे कई करोड़ रुपये के विकास कार्य फंस गए है।