आयुक्त ने लिखा प्रमख सचिव को पत्र
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास का करीब चार अरब, 91 लाख 76 हजार करोड़ रुपये शासन में फंसा पड़ा है। हाल ही में हुई निगम बोर्ड की बैठक में यह मामला जोर-शोर से उठाया गया था। इसके बाद नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें शासन से शहर के विकास के लिए यह पैसा रिलीज करने की मांग की है।
नगर विकास विभाग को यह पत्र नगर आयुक्त की ओर से हाल ही में जारी किया गया। उसके हिसाब से वर्ष 2010-11 में 10 करोड़ 70 लाख, वित्त वर्ष 2011-12 में छह करोड़ 24 लाख, 2012-13 में 51 करोड़ 89 लाख, 2013-14 में 46 करोड़ 15 लाख, 2014-15 में 28 करोड़ 75 लाख, 2015-16 में 17 करोड़ 23 लाख, 2016-17 में तीन करोड़ 66 लाख, 2017-18 में पांच करोड़ 59 लाख, 2018-2019 में 62 करोड़ 78 लाख, 2019-20 में 82 करोड़ 99 लाख, 2020-21 में 72 करोड़ 90 लाख, 2021-22 में 102 करोड़ 79 लाख रुपये बकाया है। कुल मिलाकर 491 करोड़, 76 लाख रुपये शासन पर बकाया है।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने पत्र में बताया कि स्टांप विभाग के अनुसार शासन के पास निगम का यह पैसा बकाया है। इस पैसे को जल्दी ही रिलीज करने की नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शासन से मांग की है। वहीं पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने कहा कि शहर के विकास के लिए प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के दौरान आम जनता से दो प्रतिशत विकास शुल्क स्टांप विभाग क्षारा लिया जाता है। उसमें से निगम को अवस्थाना निधि के रूप में .75 प्रतिशत रुपये मिलते हैं। यह पैसा शहर के विकास का है। इस पैसे को किसी भी सूरत में शासन से लेने का प्रयास किया जाएगा।