प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नामांतरण शुल्क को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद नगर निगम अब बड़ा फैसला लेने जा रहा है। नगर निगम इस प्रकरण को अब निगम बोर्ड के समक्ष रखेगा। बोर्ड जो भी निर्णय लेगा इसके बाद नगर निगम अगली कार्रवाई करेगा। हाल ही में नामांतरण को लेकर शुल्क को लेकर नगर निगम में बड़ा विवाद पैदा हो गया था। दरअसल नगर निगम ने नई पॉलिसी को लागू की है। जिसमें कहा गया कि अगर किसी ने पूर्व में तीन बार हुई रजिस्ट्री के दौरान नामांतरण नहीं कराया है और चौथीबार किसी ने प्रॉपर्टी की खरीद की तो उसे चार बार प्रॉपर्टी खरीद में लगे स्टांप शुल्क का एक प्रतिशत पैसा नगर निगम को देना होगा। निगम बोर्ड की हुई बैठक में यह मामला उठाया गया था। बैठक में पार्षद हिमांशु मित्तल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। उनका कहना था कि इस पॉलिसी को खारिज किया जाए। नगर निगम ने बोर्ड की इस भावना के विपरीत जाते हुए इस पर आपत्ति और सुझाव मांगे। इसके बाद से ही विवाद चला आ रहा है।  अब नगर निगम प्रशासन का कहना है कि वह इस मामले में फिर से प्रस्ताव निगम बोर्ड की जल्दी ही होने जा रही बैठक में पेश करेगा। उसमें जो भी फैसला होगा उसके हिसाब से अगला कदम उठाएगा।