राकेश टिकैत को नहीं किया गया गिरफ्तार: गाजियाबाद पुलिस
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। दिल्ली से सटे गाजीपुर पर किसान 200 से भी ज्यादा दिनों से धरना दे रहे हैं। एकबार फिर किसानों का आंदोलन तेज करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत पिछले दो दिनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से किसानों का ट्रैक्टर के साथ गाजीपुर में पहुंचना जारी रहा। किसानों ने आज संसद और विभिन्न राजभवनों का घेराव करने का फैसला किया था लेकिन अंतिम समय में उन्होंने इस फैसले को टाल दिया। ट्रैक्टर के साथ संसद और राजभवन तक मार्च करने के बजाय किसानों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को ज्ञापन सौंपा। गाजीपुर के अलावा सिंघू बार्डर और टीकरी बार्डर पर भी किसानों ने मार्च निकालने के बजाय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस बीच किसानों के मार्च को देखते हुए गाजीपुर बार्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। दिल्ली पुलिस की ओर से दिल्ली जाने वाली सभी लेन को बंद कर दिया गया था। किसानों के मार्च को देखते हुए तीन मेट्रोस्टशनों को बंद कर दिया गया।
इस बीच खबर आई कि पुलिस ने भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत को गिरफ्तार कर लिया है। इसे सिरे से नकारते हुए टिकैत ने कहा कि सरकार जानबूझ कर इस तरह की अफवाह उड़ा रही है, क्योंकि मैंने कहा था कि किसान के बच्चे ट्विटर भी चलाएंगे, टैंक भी और ट्रैक्टर भी। टिकैत ने सभी से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें। बाद में दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी दी कि टिकैत या किसी भी किसान को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज फिर किसानों से बातचीत की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि सरकार हर बिंदु पर खुलकर बात करने को तैयार है।
इस बीच गाजीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि मांगे पूरी होने तक किसान दिल्ली के बार्डर से नहीं हटेंगे। तीनों कानूनों को रद्द किया जाए और एमएसपी पर कानून बनाया जाए तो किसान खुशी-खुशी अपने घर चले जाएंगे।