प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। तबादला होने के 18 महीने बाद भी नगर निगम के पूर्व लेखा अधिकारी अरूण कुमार मिश्रा द्वारा मकान खाली नहीं करने के मामले में नगर आयुक्त ने अब सख्त तेवर दिखाए हैं। नगर आयुक्त ने लेखाधिकारी को तीन लाख चार हजार 157 रुपये का रिकवरी नोटिस जारी कर दिया। साथ ही एक सप्ताह के अंदर नगर निगम का सरकारी आवास भी खाली करने का निर्देश जारी किया गया है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ के निर्देश पर यह नोटिस संपत्ति अधीक्षक भोलानाथ गौतम की ओर से किया गया है।
लेखाअधिकारी अरूण कुमार मिश्रा लंबे समय तक गाजियाबाद नगर निगम में तैनात रहे हैं। करीब 18 महीने पहले इनका तबादला नगर निगम मुरादाबाद में लेखाधिकारी के पद पर कर दिया गया। इसके बाद भी वह नगर निगम के गांधीनगर स्थित सरकारी मकान में रह रहे हैं। लेखाधिकारी पर आरोप है कि इसके लिए वह नगर निगम की अनुमति भी नहीं ले है। ऐसे में तबादला होने के बाद उनका नगर निगम गाजियाबाद के सरकारी आवास पर कब्जा अवैध है। अब नगर निगम गाजियाबाद आवास का किराया वसूली करेगा।
इसके लिए लेखाधिकारी अरूण कुमार मिश्रा को 18 महीने किराया की धनराशि दो लाख 57 हजार 760 रूपये बकाया निकाला है। इसके अलावा 18 महीने का अनुरक्षण शुल्क भी नगर निगम वसूल करेगा। साथ ही नगर निगम 12 प्रतिशत ब्याज की धनराशि रोपित करते हुए 3 लाख चार हजार 157 रूपये धनराशि का रिकवरी नोटिस दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर यह पैसा नगर निगम के कोष में जमा करने मकान खाली करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।