युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर्स के वेतन को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बोर्ड की बैठक में तो सभी कंप्यूटर ऑपरेटर्स का एक समान वेतन किया जाए। यह वेतन वरिष्ठता के आधार पर बढऩा था। मगर निगम के अधिकारी अपने हिसाब से कंप्यूटर ऑपरेटर्स का वेतन बढ़ा रहे है। इसी को लेकर विवाद पैदा हो गया है।
इसी विवाद के चलते नगर निगम की पांच जोन से कंप्यूटर ऑपरेटर्स अपनी मांगों को लेकर नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नैन सिंह से मिलने के लिए आए थे। मगर वहां संघ के अध्यक्ष नैन सिंह नहीं मिले। यहां कंप्यूटर ऑपरेटर्स ने उन्हें मोबाइल पर कॉल की तो उनका मोबाइल आउट ऑफ रेंज आ रहा था। इस कारण ऑपरेटर्स की संघ अध्यक्ष से बात नहीं हो पाई थी। दरअसल विवाद अधिकारियों के कारण पैदा हुआ है। निगम बोर्ड में प्रस्ताव वरिष्ठता के आधार पर वेतन बढ़ाने का पास हुआ था। बोर्ड के प्रस्ताव को ठेंगा दिखाते हुए निगम के अधिकारियों ने अपने खास कंप्यूटर ऑपरेटर्स का वेतन अपने हिसाब से बढ़ा दिया।
मेयर-नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव, अपर नगर आयुक्त अरूण यादव, संपत्ति विभाग में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर का वेतन बढ़ाकर निगम अधिकारियों ने करीब 21 हजार कर दिया। मगर जिनका वेतन बढ़ाया गया है इनमें कई तो ऐसे कंप्यूटर ऑपरेटर है जो दो वर्ष पहले ही निगम में तैनाती पाए है। जिन पर कंप्यूटर चलाना तो दूर उन्हें ऑपन करना तक नहीं आता है। बावजूद इनका वेतन बढ़ा दिया। जो सुबह से लेकर रात तक कार्य करते है उनका वेतन केवल आठ और दस हजार रुपये दिया जा रहा है। इसी उत्पीडऩ के खिलाफ कंप्यूटर ऑपरेटर्स लामबंद है।