नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। उत्तर प्रदेश में अभी नगर निकाय चुनाव होने में समय है। ओबीसी आरक्षण को लेकर पेंच फंसा होने के चलते फिलहाल चुनाव स्थगित हैं, लेकिन जनवरी में जिले के नगर निगम, नगर निकाय में मेयर, चेयमैन और पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। ऐसे में नगर निकायों में कामकाज व विकास कार्य होते रहें इसके लिए प्रभारी प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे।
ये प्रभारी प्रशासन एडीएम स्तर के अधिकारी होंगे जिनकी नियुक्ति डीएम की अध्यक्षता में बनी एक त्रिसदस्यीय समिति द्वारा की जाएगी। इस कमेटी में ही निकायों के कार्यों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इस सम्बंध में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि नगर निकायों के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
इसमें नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में संबंधित जिले के एडीएम, प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय एवं अधिशासी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से लेनदेन वितरण का काम किया जाएगा। नगर निगम में प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय एवं नगर आयुक्त के संयुक्त हस्ताक्षर से लेनदेन का काम किया जा सकेगा। यह समिति केवल दैनिक प्रशासनिक कार्यों एवं पूर्व में चल रहे विकास कार्र्यों के पर्यवेक्षण व क्रियान्वयन का काम कर सकेंगे।