युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी और रालोद ने विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था। जयंत चौधरी राज्यसभा भेजकर समाजवादी पार्टी ने इस गठबंधन पर दोस्ती की मुहर भी लगा दी है। ऐसे में तय माना जा रहा है कि जनपद में सपा और रालोद साथ मिलकर गठबंधन में नगर निकाय चुनाव लड़ेगी। रालोद के एक नेता ने बताया कि वर्तमान में राजनीतिक की यह दरकार भी है कि रालोद और समाजवादी पार्टी नगर निकाय चुनाव में साथ आएं। दोनों पार्टियां मिलकर ही भगवा गढ़ में भाजपा को टक्कर दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई वार्डों के गणमान्य लोग सपा और रालोद के गठबंधन से पार्षद का चुनाव लडऩा चाहते हैं। ऐसे लोग लगातार संगठन से जुड़े नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। रालोद के नेता ने बताया कि सबसे पहले संगठन से जुड़े लोगों की निगाहें नगर निकाय चुनाव के दौरान होने वाले आरक्षण पर टिकी हुई हैं। उसके बाद नगर निगम के 100 वार्डों में से किसके हिस्से में कितनी सीटें आएं इस बात पर विचार किया जाएगा। महापौर का चुनाव गठबंधन पर कौन लड़ेगा इसे लेकर भी आरक्षण पर पार्टी नेताओं की नजरें बनी हुई हैं। रालोद नेता ने बताया कि संगठन के लोग निकाय चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जिस तरह से लोग पार्षद के टिकट के लिए पार्टी के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं, उस हिसाब से 100 वार्डों में प्रत्याशी उतारने में सपा और रालोद को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि रालोद में जल्द ही स्थानीय स्तर पर संगठन की घोषणा होगी। उसके बाद नगर निकाय चुनाव को लेकर बिछनी शुरू हुई बिसात पर मोहरे बिछने शुरू हो जाएंगे।