गाजियाबाद। नगर निगम अब अपनी नामांत्रण पॉलिसी की जांच कराएगा। जांच के बाद ही नगर निगम तय करेगा कि इस पॉलिसी में जो नया नियम जोड़ा गया है उसे लागू किया जाए या हटाया जाए। बोर्ड की बैठक में इस मामले को पार्षद हिमांशु मित्तल ने उठाया था। उनका कहना था कि नगर निगम ने नई नामांत्रण पॉलिसी लागू की है। इसके तहत अगर किसी ने तीन बार पूर्व में खरीदी गई है, और पूर्व में इस प्रॉपर्टी का नगर निगम में नामांत्रण नहीं हो पाया है। नई पॉलिसी के हिसाब से उसमें पूर्व में हुई रजिस्ट्री में लगे स्टांप शुल्क का भी एक-एक प्रतिशत पैसा जोडक़र निगम लेता है। इस मामले के नगर निगम बोर्ड में उठाए जाने के बाद नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इस पर जांच बैठा दी है। नगर आयुक्त ने बताया कि जांच की जा रही है कि इससे आम आदमी को क्या नुकसान है और निगम को इसका कितना फायदा है।