प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। हैबीटेट सेंटर के हाउस टैक्स को लेकर नगर आयुक्त के आदेश के बाद भी जांच रुकी हुई है। नगर निगम के निर्माण विभाग को जांच के लिए पैमाइश का कार्य करना था जो पूरा हो चुका है। इसके बाद भी रिपोर्ट तैयार कर जांच समिति को नहीं दी गई है। हैबीटेट सेंटर पर सबसे पहले पौने चार करोड़ रुपये का हाउस टैक्स लगाया गया था। बाद में अधिकारियों ने एक-दूसरे को इस केस में फंसाने के लिए हाउस टैक्स इस पर बढ़ाकर करीब आठ करोड़ रुपये कर दिया। इस मामले में एक जांच कमेटी नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ की ओर से बैठाई गई है। कमेटी में नगर निगम अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव, अरुण कुमार यादव, सीटीओ और वसुंधरा जोनल प्रभारी अधिकारी आदि शामिल हैं। जांच कमेटी में नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी को भी शामिल किया गया है जिन्हे स्ट्रक्चर एरिया की पैमाइश करने का कार्य करना था। कई दिन पहले इसकी पैमाइश का कार्य भी पूरा कर लिया गया, मगर गणना रिपोर्ट तैयार कर नहीं भेजी गई है। वहीं, जांच टीम के एक अधिकारी का कहना है कि गणना रिपोर्ट मिल जाने के बाद इस मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।