भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अभी से ही सरकार और संगठन पदाधिकारियों को कई संदेश देने शुरु कर दिये हैं। जहां उन्होंने अपने बयान में कहा कि संगठन सरकार बनाता है और संगठन सर्वोपरि है। वहीं उन्होंने अब प्रदेश अध्यक्ष के लिए आवंटित फॉर्च्यूनर गाड़ी वापस कर दी और कहा कि वह लग्जरी गाड़ी में नहीं, बल्कि साधारण गाड़ी में ही चलेंगे। भूपेंद्र चौधरी ने यहां भी जरूर कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है, क्योंकि एनसीआर की बात की जाए तो यहां लग्जरी गाडिय़ों में ही पदाधिकारी सफर करते हैं। जिला एवं महानगरों में पार्टी के अध्यक्ष लग्जरी गाडिय़ों से कदम नीचे नहीं उतारते हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष ने जब ये नई परंपरा शुरु की है तो उसका कितना असर नीचे तक दिखाई देगा ये भी देखने वाली बात है। भूपेंद्र चौधरी और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच भी पहले से ही कुछ अच्छी ट्यूनिंग नहीं है और दिल्ली वालों ने सुनील बंसल को हटाकर भूपेंद्र चौधरी के रूप में अपनी तीसरी आंख योगी सरकार पर लगा दी है। दरअसल पहले सुनील बंसल से भी योगी जी की नहीं बनती थी। इतना ही नहीं मौजूदा दोनों उपमुख्यमंत्री भी दिल्ली वालों के निकट हैं और अब भूपेंद्र चौधरी को संगठन की कमान देकर दिल्ली ने ये एहसास करा दिया कि वर्चस्व हमारा ही रहेगा। जाहिर है २०२४ लोकसभा चुनाव को लेकर बहुत बड़ी जिम्मेदारी भूपेंद्र चौधरी के कांधों पर है, इसलिए वह भी अपनी पूरी चलायेंगे। आने वाले दिनों में संगठन और सरकार में कितना तालमेल बनता है इसपर सबकी नजर है। इसी साल नवंबर में स्थानीय निकाय के चुनाव भी हैं, उनमें भी किसका ज्यादा दखल रहेगा ये भी आने वाले समय में पता चलेगा। हालांकि, पिछले स्थानीय निकाय के चुनाव में भी भूपेंद्र चौधरी ने काफी अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी ने ऐन वक्त पर कई लोगों का खेल बिगाड़ दिया था। बहरहाल भूपेंद्र चौधरी की सादगी का स्वागत करना चाहिए और उम्मीद करनी चाहिए कि लग्जरी गाडिय़ों में घूमने वाले बड़े से छोटे नेता भी जरूर सबक लेंगे।
– जय हिन्द।