युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। जिस धौलाना विधानसभा सीट पर तमाम प्रयास करने के बाद भी पिछले दो चुनावों में भाजपा जीत नहीं सकी थी, 2022 विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के चुनावी मैदान में उतरने से इस सीट पर भाजपा की राहें अब आसान हो गई है। हालांकि मजलिस की ओर से अभीतक यह नहीं बताया गया कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में कितनी और कौन-कौन सी सीटों पर प्रत्याशी उतारे जाएंगे लेकिन मजलिस के अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी के दो बार डासना मसूरी आगमन से माना जा रहा है कि इस बार मजलिस की ओर से धौलाना विधानसभा सीट पर प्रत्याशी उतारा जाएगा। सांसद असदुद्दीन औवेसी ने रविवार को मसूरी में एक जनसभा को संबोधित किया। हर बार की तरह मसूरी की सभा में भी ओवैसी ने जमकर मुस्लिम कार्ड खेला। उन्होंने मुस्लिमों को एकजुट होकर वोट करने की अपील की। इस दौरान ओवैसी के निशाने पर भाजपा से ज्यादा सपा-बसपा थीं।
धौलाना विधानसभा सीट की बात करें तो शहरी और ग्रामीण इलाके के बीच की इस सीट पर मुस्लिम और दलित मतदाता किसी भी समीकरण को बदल सकते है। इसी समीकरण के साथ बसपा के प्रत्याशी असलम चौधरी ने जीत हासिल की थी। उससे पहले 2012 में समाजवादी पार्टी के धर्मेश सिंह तोमर विधायक रह चुके हैं। मुस्लिम और दलित आबादी मिलाकर 60 प्रतिशत से अधिक है। धौलाना सीट पर साठा चौरासी गांवों के वोट भी अहम माने जाते हैं। भाजपा की नजर साठा चौरासी गांवों के वोट पर है। जानकार कहते हैं कि अगर मुस्लिमों के वोटों में बंटवारा हो जाता है कि धौलाना विधानसभा सीट पर से भाजपा को जीत हासिल करने से कोई रोक नहीं सकता है। मजलिस की ओर से प्रत्याशी खड़ा किए जाने पर भाजपा के लिए आसानी होगी। अब तक मुस्लिम वोटों का बंटवारा नहीं होने से भाजपा की जीत नहीं हो पाती थी।
2012 से पहले धौलाना सीट का अधिकांश हिस्सा गाजियाबाद की मोदीनगर सीट के अंतर्गत आता था। 2007 में भी बसपा को जीत मिली थी। यहां कुल मतदाता 3 लाख 80 हजार है। जो हिन्दू और मुस्लिम ेवोटों में बराबर बटां हुआ है। भाजपा हिन्दू वोटों के सहारे मैदान में उतरेगी। वहीं मुस्लिम वोटों पर सपा, बसपा और अब मजलिस की नजर लगी हुई है। सूत्रों का कहना है कि मजलिस जिन सीटों पर नजरें गड़ाए हुई हैं, उनमें धौलाना सीट भी शामिल है। मसूरी की सभा में सांसद ओवैसी ने आर्यन खान के बहाने मुस्लिमों को साधने की कोशिश की। ओवैसी ने कहा कि तुम एक सुपरस्टार के बेटे की बात कर रहे हो। क्या यूपी की जेलों में 27 फीसद मुसलमान नहीं है? जिनके पिता के पास ताकत है मैं उनकी नहीं बल्कि यूपी की जेलों में बंद 27 फीसद मुसलमानों के लिए बोलूंगा। इस बहाने औवेसी खुद यूपी में मुस्लिमों का रहनुमा बनने की कोशिश कर रहे हैं। सभा में उन्होंने विधायक असलम को इस्लाम के विरोधी तक बता दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राशिद मलिक ने कहा कि ओवैसी और उनकी पार्टी मजलिस भाजपा को मजबूत कर रहे हैं। इस सच्चाई से सभी वाकिफ है। धौलाना में समाजवादी पार्टी पहले की तरह ही मजबूत है। 2022 विधानसभा चुनाव में धौलाना सीट पर सपा की ही जीत होगी।