युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। धोबीघाट आरओबी को विजयनगर साइड से उतारने के दौरान सेना की जमीन आने पर शुरू हुआ विवाद अब समाप्त हो गया है। सेना ने सर्वे के दौरान माना है कि रेलवे द्वारा उनकी जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। बता दें कि बहुप्रशिक्षित धोबीघाट आरओबी का काम तेजी से चल रहा है। निर्माण एंजेंसी ने जब पुल को विजयनगर साइड से उतारने का काम शुरू किया तो सेना ने आपत्ति जताते हुए काम रूकवा दिया और जमीन को अपना बताया जिस वजह से काम रूक गया था। पुल निर्माण से पहले भी सेना की जमीन आने के चलते नक्शे में परिवर्तन किया गया था, यह वजह थी कि पुल निर्माण कार्य देर से शुरू हुआ था। अब धोबीघाट आरओबी का काम करीब ७० फीसदी पूरा हो गया था ऐसे में एक बार फिर सेना ने अपनी आपत्ति जताई तो निर्माण एजेंसी से लेकर रेलवे अधिकारी भी मुश्किल में आ गए। इस विवाद के निस्तारण को लेकर बुधवार को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व विभाग व रक्षा सम्पदा अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान रक्षा विभाग की जमीन की पैमाईश की गई। पैमाईश के बाद पाया गया कि आरओबी का निर्माण कार्य रेलवे की ही जमीन पर हो रहा है। रक्षा विभाग की जमीन पर रेलवे द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं पाया गया।