नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। गर्मी के कारण पहले ही लोगों का हाल बेहाल है। उस पर जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज को लेकर लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। कड़ी धूप के सम्पर्क में आने से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके अस्पताल का स्टाफ लापरवाह बना हुआ है। जिला अस्पताल की इमरजैंसी गेट पर मरीजों के साथ कुछ ऐसा ही सलूक किया जा रहा है। बीमारी से पीडित एक मरीज को इलाज के बाद इमरजैंसी से वार्ड में शिफ्ट किया जाना था। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल का स्टाफ भूल ही गया। धूप में स्ट्रेचर पर लेटा मरीज काफी देर तक कराहता रहा, लेकिन स्टाफ या डॉक्टर को मरीज की कराह सुनाई नहीं दी नाहीं मरीज की स्टे्रचर को धूप से हटाकर छांव या वार्ड में करने की जहमत उठाई गई। परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो स्टाफ ने काफी देर बाद मरीज को वार्ड में ले जा कर शिफ्ट किया। इमरजैंसी में भी अधिकतर मरीज सिरदर्द, उल्टी-दस्त से पीडित के आ रहे हैं। इमरजैंसी में भी मरीजों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड रहा है। गर्मी से पीडित मरीज बडी संख्या में जिला अस्पताल की इमरजैंसी में पहुंच रहे हैं। ओपीडी में भी मरीजों की लम्बी लाइनें लगी हुई है।
मोर्चरी में सीएमओ ने दिए एसी लगाने के निर्देश
शवों की बढती संख्या और मोर्चरी में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने के बाद सीएमओ डॉ.भवतोष शंखधर ने जिला अस्पताल की मोर्चरी का निरीक्षण किया। मोर्चरी में रखे डीप फ्रीजर की भी जांच की। सीएमओ ने बताया कि इन दिनों गर्मी तेज पड़ रही है जिसके चलते डेड बॉडी जल्द खराब होने लगती है जिसकी वजह से उनके पोस्टमार्टम में परेशानी खड़ी आने लगती है। डीप फ्रीजर की अपनी क्षमता है। वर्तमान हालात को देखते हुए मोर्चरी में एयर कंडीशन लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शवों को कोई नुकसान न हो।