युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई की फंडिंग पर यूपी समेत अन्य राज्यों में धर्मांतरण का करवाने के आरोप में दो लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पुलिस को दोनों के खिलाफ सख्त धाराओं के साथ रासुका तामिल करने के निर्देश दिए हैं। दोनों पर पिछले डेढ़ साल के दौरान नौकरी, शादी और पैसे का लालच देकर देशभर में 1,000 से ज्यादा लोगों के धर्म परिवर्तन का आरोप है। यूपी एटीएस का दावा है कि आरोपित मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आईएसआई की फंडिंग से गरीब और विकलांगों की मदद कर धर्मांतरण करवाता था। धर्मांतरण मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। इस मामले के तार विजय नगर में कॉलेज चलाने वाले सलीमुद्दीन से जुड़े हैं।
उसके तार गाजियाबाद की जेल में बंद सलीमुद्दीन से जुड़े हैं। 14 और 15 जून को एटीएस ने सलीमुद्दीन से पूछताछ की थी। इसमें ही उसने धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले दिल्ली के जामिया नगर निवासी मुफ्ती काजी जहांगीर और मोहम्मद उमर के बारे में बताया । एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि दो जून को डासना के एक मंदिर में दो संदिग्धों ने ब्लेड लेकर घुसने का प्रयास किया था। पकड़े जाने पर इनकी शिनाख्त विपुल विजयवर्गीय और कासिफ के रूप में हुई थी। विपुल ने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि कुछ संगठन लोगों को लालच देकर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। एटीएस संस्था के इनकम टैक्स रिटर्न बैंक खातों की डिटेल और पिछले कुछ सालों में हुए बड़े ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। एटीएस को विदेशों से भी फंडिंग होने के साक्ष्य मिले हैं। एटीएस केंद्रीय एजेंसियों जांच और खुफिया एजेंसियों की मदद से इन विदेशी बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। कानपुर के कल्याणपुर में रहने वाले जिस युवक आदित्य का धर्म परिवर्तन करवाकर अब्दुल बनाया गया उसके परिवार ने भी रुपयों के ट्रांसजेक्शन का डीटेल सौंपा है। जो दस्तावेज आदित्य के परिवार ने दिए हैं, उससे पता चला है कि आदित्य के खाते में हर महीने विदेश से 7 हजार रुपये आते थे। एटीएस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि यूपी के अलावा महाराष्टï्र, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और केरल में भी इस रैकेट का बड़ा नेटवर्क है। यूपी में ये लोग नोएडा, वाराणसी, कानपुर, मथुरा, गाजियाबाद और अन्य जिलों में सक्रिय थे।
एटीएस के मुताबिक, आरोपित गरीब परिवार, बेरोजगार लड़के-लड़कियां, मूक-बधिर छात्रों को निशाना बनाते थे। इसके बाद कई चरणों में ब्रेन वॉश कर उनका धर्म बदलवाते थे। हिन्दू धर्म के बारे में गलत जानकारी देकर उनको भड़काया जाता था।