युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना काल से उबरने के बाद सबसे बड़ा पर्व दिवाली है, जिसकी शुरुआत कल धनतेरस पर्व से होगी। धनतेरस पर बड़े पैमाने पर सोना, चांदी, बर्तन, कपड़ों आदि से लेकर अन्य सामानों की खरीददारी होती है। पर्व को लेकर शहर के सभी बाजार तैयार हैं। ऐसे में खरीदार भी अगर शुभ मुहूर्त में खरीददारी करें तो यह पर्व उनके लिए खुशियों की दोगुनी सौगात लेकर आएगा। दीवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व है। इसकी पांच दिवसीय उत्सव श्रंृखला बहुत ही प्रेरणादायक है जिसका शुभारंभ धनतेरस से होगा। इस दिन धन्वंतरी जयंती और प्रदोष व्रत का उत्सव भी मनाया जाएगा। दो नवंबर को सुबह ११.३० पर त्रयोदशी तिथि आ जाएगी। पंडित शिवशंकर शर्मा ने बताया कि मध्यान्ह 12.03 बजे से 13.45 बजे तक आयुर्वेद के जन्मदाता धनवंतरी के पूजन और हवन के लिए उत्तम मुहुर्त है तो वहीं शाम को प्रदोष काल, गोधूलि वेला और स्थिर लग्न 18.14 बजे से 20.10 बजे तक धनतेरस का पूजन करना शुभ रहेगा। इस अवधि में बर्तन, ज्वेलरी, वस्त्र, घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदना बहुत ही श्रेष्ठ रहेगा। ऐसे में पर्व को लेकर कपड़े, ज्वैलरी, इलैक्ट्रॉनिक्स से लेकर बर्तन बाजार पूरी तरह से तैयार हैं। देर रात तक बाजार खोले जाने की सम्भावना है ताकि ग्राहकों की मांगों को पूरा किया जा सके। रविवार को भी बाजारों में भारी भीड़ रही थी जिसे देखकर दुकानदारों में भी खुशी का माहौल था ऐसे में अब दुकानदार बेसब्री से धनतेरस पर्व का इंतजार कर रहे हैं।
धनतेरस पर्व के शुभ मुहूर्त
दोपहर १२.०६ से १३.२६ बजे तक चर के चौघडिय़ा मुहूर्त है।
१३.४३ से १५.१३ तक कुंभ लग्न, स्थिर लग्न मुहूर्त है।
१८.१४ से २०.१० तक वृषभ लग्न, स्थिर लग्न मुहूर्त है।