युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। एक दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात। जी हां, यह कहावत घंटाघर और बजरिया के व्यापारियों के साथ चरितार्थ हो रही है। दरअसल, घंटाघर मेन सडक़ पर बने कट को फिर से बंद कर दिया गया। दिवाली से पहले इस कट को खोल दिया गया था। घंटाघर और बजरिया के व्यापारी लगातार इस कट को खोलने की मांग करते आ रहे थे। इस कट को बंद किए जाने से व्यापारियों में पनपे गुस्से को देखकर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग के प्रतिनिधि राजेंद्र मेदीवाले और व्यापार प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष अनुज मित्तल ने प्रशासन और पुलिस के साथ बैठक कर कट को खोलने को लेकर फैसला होने का दावा किया था। दिवाली से पहले दो दिन के लिए कट को खोल भी दिया गया था। इसके लिए व्यापारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिनिधि का आभार भी जताया था। व्यापारियों का कहना था कि इस कट के खुलने से घंटाघर और बजरिया के व्यापारियों को भारी सहुलियत होगी। व्यापारियों ने दावा किया था कि यह कट अब आगे भी खुला रहेगा लेकिन दिवाली के दो दिन बाद ही कट को फिर से बंद कर दिया गया। वहीं, इस कट को खुलवाने की मुहिम में शामिल व्यापारी उदित मोहन ने बताया कि इस बारे में एसपी ट्रैफिक से बात की गई तो उनका कहना था कि विभाग के पास मैनपावर की कमी है। घंटाघर पर टै्रफिक मेंटेन करने के लिए कम से कम चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी चाहिए। ऐसे में यहां ट्रेफिक सिग्नल लगाकर प्रॉपर तरीके से कट को खोलने की योजना है।