युग करवट संवाददाा
गाजियाबाद। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग द्वारा लोहिया नगर स्थित हिन्दी भवन में ईट राइट मेले का आयोजन किया गया, इस दौरान एक प्रदर्शनी का भी लगाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री पूर्व जनरल वीके सिंह, शहर विधायक अतुल गर्ग, डीएम आरके सिंह सिंह और सीडीओ विक्रमादित्य सिंह मलिक ने दीप प्रज्वलित कर किया। गुरुकुल स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वीके सिंह ने कहा कि हमारे देश में गेंहू काफी बाद में आया था, उससे पूर्व सभी लोग मोटे अनाज का प्रयोग करते थे, वह काफी शारीरिक श्रम भी किया करते थे।
आज वही मोटे अनाज को दुनिया भर के वैज्ञानिक सुपर फूड के नाम से जानते हैं। वीके सिंह ने कहा कि देश में पुराने समय में जो भी खानपान की पद्घति थी, वह बेहद वैज्ञानिक स्तर की थी। अब लोग खुद सही और गलत का आंकलन करें और खाने का इस्तेमाल करें। शहर विधायक अतुल गर्ग ने कहा कि आज के बच्चे जंक फूड, पैकेज फूड की ओर भाग रहे हैं। जिससे वह विभिन्न बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, लेकिन अगर उनकी आदतों में बदलाव लाया जाए लोग हेल्दी फूड को अपना सकते हैं। डीएम आरके सिंह ने इस अवसर पर कहा कि निरोगी काया व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होती है, इसके लिए स्वस्थ्य मस्तिष्क का भी होना जरूरी है। यह तभी संभव है जब हम लोग हेल्दी फूड का प्रयोग करें। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को हेल्दी व अनहेल्दी फूड के बारे में अवगत कराया जाए।
खाद्य सहायक आयुक्त चंदन पाण्डेय ने अभियान के उद्देश्य, योजनाओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि देश के ७५ जिलों में से यूपी के गाजियाबाद सहित छह जिलों को योजना के लिए चुना गया है, इसके लिए उन्होंने स्थानीय अधिकारियों का आभार भी जताया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने परिसर में लगी फूड प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया, उन्होंने सभी फूड स्टॉल का अवलोकन भी किया। ईट राइट मेले के तहत नॉन फायर कुकिंग कम्पीटिशन, ईट हेल्दी-स्टे हेल्दी विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता, रंगोली व सेल्फी प्वॉइंट, हस्ताक्षर अभियान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्वयं सहायता समूह, बेकरी संचालकों ने अपने फूड स्टॉल भी लगाए। कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा ने किया। इस अवसर पर एडीएम सिटी बिपिन कुमार, अभिहित अधिकारी विनीता कुमार, मुख्य खाद्य निरीक्षण एनएन झा, राजेन्द्र मित्तल मेंदी वाले सहित विभिन्न व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।