नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में कैलाशवासी श्रीमंहत गौरी गिरी महाराज व मंदिर के अन्य समाधि लीन गुरुओं की स्मृति में संत सनातन कुंभ का आयोजन किया गया। संत सनातन कुंभ का शुभारंभ ब्रहमलीन गौरी गिरी महाराज के चित्र के समक्ष ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। इससे पूर्व सभी समाधियों पर जाकर संतों ने पूजन किया व भगवान दूधेश्वरनाथ का रूद्राभिषेक किया, इसके बाद संतों ने धर्म को लेकर चर्चा की। सुमेरू पीठ के शंकराचार्य नरेन्द्रानंद सरस्वती महाराज ने कुंभ में सभी संतों से कहा कि आज विश्व में काफी उथल-पुथल का माहौल है, लेकिन संतों को विश्व शांति की कामना करनी चाहिए। किन्नर अखाड़े की प्रमुख डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने भी धर्म के प्रचार को पूरी दुनिया में करने का आह्वाहन किया। वहीं, सभापति प्रेमागिरी महाराज ने कहा कि दुनिया भर में १२ ज्योतिलिंग हैं, जिनमें कई लिंग इनसे अलग हैं, लेकिन उनकी महत्ता भी उतनी ही है। इनमें से एक दूधेश्वरनाथ ज्योतिलिंग भी है, जिसके पूजन से भक्त पुर्नजन्म के चक्र से बच जाते हैं। मंहत जीवानंद गिरी ने कहा कि संत दो प्रकार के होते हैं, एक वह जो स्वयं के लिए भगवान का स्मरण करते हैं, कठोर तप करते हैं व अपना आत्मकल्याण करते हैं। दूसरे संत वह हैं, जो अपने साथ-साथ समाज का कल्याण भी करते हैं। कुंभ में राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, अभयानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर जीवांनद गिरी महाजरा, कंचन गिरी महाराज, महामंडलेश्वर विद्यानंद गिरी, महामंडलेश्वर नवलकिशोर महाराज, यति नरसिंहा नंद सरस्वती, विश्वेरानंद, महेन्द्र गिरी महाराज, साध्वी राधा सरस्वती, स्वामी अभ्यारंण महाराज, दिवाहनंद गिरी महाराज, महेश वशिष्ठ, महामंडलेश्वर पवित्रा गिरी, भवानीनंद गिरी, मंदिर विकास समिति के उपाध्यक्ष अनुज गर्ग व पिंटू सुथार आदि मौजूद रहे।