आशित त्यागी
गाजियाबाद (युग करवट)। कल कविनगर रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है। इसको प्रबुद्घ वर्ग सम्मेलन का नाम दिया गया है। मगर सवाल सबके मन में यही है कि यह प्रबुद्घ वर्ग का सम्मेलन है या फिर मुख्यमंत्री का जनसभा, क्योंकि इसमें नगर निगम क्षेत्र से दस हजार के करीब लोगों को निमंत्रण दिया गया है। भाजपा की और से केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह को पूर्व सैनिको को, रूप चौधरी को पत्रकार और साहित्यकार, बलदेव राज शर्मा को रामलीला समिति, आर्टीटेक्ट, सांसद अनिल अग्रवाल, दिनेश गोयल, अतुल गर्ग अमरदत्त शर्मा को कालेज, शिक्षा संस्थान, मंत्री नरेन्द्र कश्यप को रोटरी क्लब, लायंस क्लब, भारत विकास परिषद, विधायक सुनील शर्मा, अजितपाल त्यागी, राजीव त्यागी को बिल्डर्स एसोसिएशन, अजय शर्मा को धार्मिक संस्थान, मठ, मंदिर, मानसिंह गोस्वामी, मयंक गोयल, प्रशांत चौधरी को सामाजिक संगठन, अनिल स्वामी, सुनील यादव, संजीव सिंघल को अधिवक्ता, डाक्ट वीरेश्वर त्यागी को चिकित्सक, विजय मोहन, मेयर आशा शर्मा, राजेश्वर प्रसाद, को आरडब्ल्यूए, अशु वर्मा, अशोक गोयल, सुरेश कश्यप को व्यापार मंडल, एसपी सिंह, राजेन्द्र त्यागी को उद्योग संगठन, संजय कश्यप को एनजीओ को निमंत्रण करने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से अधिक ने युग करवट से बात करते हुए कहा कि प्रबुद्घ सम्मेलन का अर्थ है गाजियाबाद के अपने अपने क्षेत्र के वरिष्ठ और सम्मानित लोग जो समाज को दिशा दिखाने का काम करते हैं। जो इस पैमाने पर खरा उतरते हैं अगर उनको बुलाया जाता है तो इस भीड़ में उनके कद के हिसाब से सम्मान देना संभव ही नहीं हो पाएगा। पार्टी के पदाधिकारी ने बताया कि नगर निगम के सभी वार्डों से लोगों को बुलाया गया है ताकि संख्या बल को जो टारगेट है उसे पूरा किया सके। निमंत्रण देने का कार्य संभाल रहे एक पदाधिकारी ने बताया कि हमें तो डर इस बात का है कि कहीं सम्मेलन में सबसे आगे पार्टी के कार्यकर्ता ना विराजमान हो जाएं और जिन लोगों को हमने बुलाया है वह खड़े ही रह जाएं। कार्यक्रम में प्रवेश में केवल पास से दिया ही जाएगा।
प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए आठ हजार पास छपवाए गए हैं। इनमें से करीब दो हजार पास स्टैंडबाई पर हैं। मतलब लगभग छह हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम की व्यवस्था संभाल रहे अधिकतर भाजपाई अब इसे प्रबुद्घ सम्मेलन नहीं मान रहे हैं, अब इसे जनसभा मानकर चला जा रहा है। वैसे भी इस कार्यक्रम को नगर निगम चुनाव के प्रचार की शुरूआत के तौर पर देखा जा रहा है। यह भी जान लीजिए कि यह कार्यक्रम प्रशासन का है और भाजपा संगठन इसमें सहयोगी की भूमिका निभा रहा है।