युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। भारतीय वायुसेना ने आज अपना 89वां स्थापना दिवस मनाया। आजादी के 75वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एअर-शो के दौरान 75 विमानों ने अपने हैरतअंगेज करतब दिखाकर शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना का गठन किया गया था। तब से अब तक भारतीय वायुसेना के जांबाज सैनिकों ने हर चुनौती का पूरे पराक्रम के साथ सामना किया।
1971 में भारत-पाक युद्घ के समय फ्लाइंग अफसर निर्मल सिंह सेखो ने अदम्य बहादुरी दिखाते हुए भारतीय सीमा में घुसे छह विमानों में से दो को मार गिराया और चार को भागने पर मजबूर किया। आज के स्थापना दिवस को मौके पर वायुसेना के जवान ने परमवीर चक्र से सम्मानित सेखो को आकाश में करतब दिखाकर सलामी दी। हिंडन एयरबेस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम की शुरुआत आकाशगंगा टीम की ओर से पैराशूट से स्काई डाइविंग से की गई। जवानों ने आठ हजार फीट ऊपर से छलांग लगाकर अपने कौशल का परिचय दिया। आत्मनिर्भर और सक्षम थीम पर आयोजित शो में जवानों ने आकर्षक परेड पेश कर सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों को सलामी दी।
इसके बाद वायुसेना प्रमुख एअर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने वायुसेना के सैनिक व अफसरों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें ग्रुप कैप्टन सौमित्र, विंग कमांडर विशु दत्ता, अंबर अग्रवाल, राहुल बसौया, स्क्वार्डन लीडर ब्रिजेश गैरोड़ा, अरुण वी, आनंद सिंह, राजू एजी, करण देशमुख, कुलदीप ंिसंह और पहाड़ सिंह को वायुसेना मेडल से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमवीर सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत भी उपस्थित थे। इस बार सचिन तेंदुलकर नहीं आए। एअर शो की शुरुआत भारत में बने फाइटर जेट तेजस के साथ किया गया। दो तेजस विमानों ने आसमान पर अपने कौशल और तकनीकि की गाथा पेश की। इसके बाद अत्याधुनिक चिनुक हेलीकॉप्टर ने तोप के साथ उड़ान भरी। चिनुक के बाद एमआई हेलीकॉप्टर ने उड़ान भर कर वायुसेना अध्यक्ष को सलामी दी। इसके बाद मालवाहक जहाज ग्लोबमास्टर ने पांच फाइटर जेट्स के साथ उड़ान भरी।
एअर शो में मिराज-2000, मिग-29 और मिग-21 ने बहादुर फार्मेशन में हैरत अंगेज करतब दिखाए। इसके बाद बारी आई राफेल और तेजस फाइटर जेट्स की। नाम के अनुरूप, तेजस ने आसमान में अपनी तेजी और तकनीक से सबको हैरत में डाल दिया। कभी सीधी तो कभी उल्टी तो कभी आसमान को चिढ़ता हुए सीधे बादलों में समा जाने के करतब से वायुसेना की ताकत का एहसास कराया। एयरफोर्स दिवस पर इस बार दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा लगाया गया। भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान सुखोई, जगुआर और मिग-21 बाइसन ने भी आसमान में भारतीय ताकत से लोगों को परिचित कराया।