युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सिहानी गेट बाजार में लॉकडाउन के दौरान कपड़ों की दुकानें खोलने और पुलिस के छापे के बाद उठा विवाद पर गाजियाबाद कपड़ा व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनिल सांवरिया ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने युग करवट से बातचीत में कहा कि गाजियाबाद के व्यापारियों ने कोरोना महामारी के दौरान सरकार के हर एक नियम का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे, क्योंकि व्यापारियों का मानना है कि सभी के सहयोग से ही कोरोना जैसी महामारी को परास्त किया जा सकता है। पहले और दूसरे लॉकडाउन में व्यापारियों ने सरकार के आदेश का अक्षरश पालन किया।
सांवरिया ने स्पष्टï किया है कि उनकी ओर से कुछ दुकानें खोलने को लेकर पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई। पुलिस को यह जानकारी पहले से मिल रही थी कि सिहानी गेट बाजार में कुछ दुकानों में शटर के भीतर खरीदारी चल रही हैं। तभी पुलिस ने कई दुकानों पर छापा मारा। हालांकि पुलिस ने दुकानों का चालान नहीं काटा। बल्कि ग्राहकों का ही चालान काटा। सांवरिया ने कहा कि व्यापारी भी देश के जिम्मेदार नागरिक है। सरकार के नियम और कानून-व्यवस्था मानने वाले होते हैं। कोरोना महामारी की दूसरी लहर, जब घर-घर में संक्रमण फैल रहा था और हजारों लोगों की असमय मौतें हो रही थीं, ऐसे समय व्यापारियों की भी जिम्मेदारी बनती थीं कि वे नियमों का पालन कर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मदद करें। अध्यक्ष अनिल सांवरिया ने कहा कि हर व्यापारी का वो सम्मान करते हैं और व्यापारियों ने ही उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। वो कैसे फोटो खींचकर उनके खिलाफ कार्रवाई को कहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई फोटो नहीं खिंचवाया। कई व्यापारियों के कहने पर कि दुकानें खुल रही है इसकी हकीकत का पता लगाने के लिए उन्होंने अपने यहां से युवक भेजा था और उसने बिना उनकी जानकारी के फोटो खींच लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बात कही जा रही है ऐसा कुछ नहीं है और वो व्यापारियों के हित की बात करते हैं।