युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। पितृपक्ष कट जाने के बाद ही भाजपा में उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दीपावली से पहले प्रत्याशियों के नामों पर फैसला कर लिया जाएगा। भाजपा शीर्ष नेतृत्व की ओर से पितृपक्ष खत्म होने का इंतजार किया जा रहा था। पितृपक्ष खत्म होते ही भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष की ओर से उत्तर प्रदेश के शीर्ष नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है। जिन नेताओं को दिल्ली बुलाया गया, उनमें प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, संगठन महामंत्री सुनील बंसल, सह महामंत्री कर्मवीर, संगठन प्रभारी राधामोहन सिंह और कई प्रकोष्ठों के अध्यक्ष शामिल है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हाल ही में नियुक्त किए गए प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सभी छह सह प्रभारियों के साथ प्रत्याशी चयन को लेकर चर्चा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से दीपावली तक करीब दो सौ सीटों पर नाम तय कर लिया जाएगा। ये वो सीटें होंगी जहां भाजपा कंफरटेबल तरीके से जीत हासिल कर सकती है। यानि उन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम आएंगे, जहां भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को लगता है कि पार्टी प्रत्याशी की जीत आसान तरीके से होगी। इन ज्यादातर सीटों पर फिलहाल भाजपा का ही कब्जा है। दीपावली के बाद बाकी सीटों के नामों पर मुहर लगाई जाएगी। हालांकि नामों की घोषणा दीपावली या उसके आसपास नहीं की जाएगी। नामों की घोषणा दिसंबर तक की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के नेताओं के साथ जेपी नड्डा की बैठक के बाद एक और बैठक होगी। जिसमें गृहमंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, इन दो बैठकों के बाद ही प्रत्याशियों के नाम पर फाइनल मुहर लगाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रदेश संगठन की ओर से प्रत्येक सीटे से तीन-तीन नाम केंद्रीय नेतृत्व के पास ऑप्शन के तौर पर भेजे जाएंगे। जिन सीटों पर भाजपा का विधायक है, उन सीटों पर दो अतिरिक्त नाम भेजे जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा विधायकों के प्रति जनता के रूख को अहमियत दी जाएगी। जनता के रूख को पता लगाने के लिए पार्टी की ओर से अंदरूनी सर्वे किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इन सर्वे में करीब आधे विधायकों के काम काज से क्षेत्र की जनता संतुष्ठ नहीं है।