नई दिल्ली (युग करवट)। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा नहीं देने और तिहाड़ से ही सरकार चलाने के बयान पर एलजी वीके सक्सेना ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि दिल्ली की सरकार जेल से नहीं चलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली का कोई कामकाज नहीं रूकने दिया जाएगा। एलजी के इस बयान के बाद दिल्ली की राजनीति में यह सवाल उठने लगा है कि क्या दिल्ली राष्टï्रपति शासन की ओर बढ़ रही है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। केजरीवाल ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत अवधि बढ़ाने की मांग की थी। इस पर ईडी ने कहा था कि अगर केजरीवाल का स्वास्थ्य खराब है तो वह चुनाव प्रचार कैसे कर रहे हैं। केजरीवाल को दो जून को अदालत में पेश होना है। आशंका जताई जा रही है कि दो जून को उन्हें फिर से जेल भेजा जा सकता है। अब केजरीवाल फिर से जेल से सरकार चलाने की बात कह रहे हैं। एलजी का कहना है कि जेल से सरकार नहीं चलने दी जाएगी। यदि संवैधानिक संकट पैदा होता है तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। कड़े कदम के उनके शब्दों को राष्टï्रपति शासन लगाने की सिफरिश से जोडक़र देखा जा रहा है।